भारत की एक और बड़ी सफलता, सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल ‘ब्रह्मोस’ पोखरण से हुई लॉन्च

Supersonic Missile Brahmos Launched
Brahmos Missile

Supersonic Missile Brahmos Launched : मिसाइल टेक्नोलॉजी में भारत ने सबसे तेज एंटी शिप सुपरसोनिक मिसाइस “ब्रह्मोस” का किया सफल परीक्षण.

Supersonic Missile Brahmos Launched : भारत ने विज्ञान और तकनीकि के क्षेत्र में एक और नई उपलब्धि हासिल करते हुए राजस्‍थान के पोखरण में सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल ‘ब्रह्मोस‘ का सफल परीक्षण किया है.

आपको बता दें कि ब्रह्मोस दुनिया की सबसे तेज एंटी शिप मिसाइल है जिसकी गति ध्वनि से 2.8 गुना ज़्यादा है, जबकि रेंज 290 किलोमीटर है.
भारत और रुस द्वारा स्वदेशी जमीन पर निर्मित इस मिसाइल का पिछले साल नवंबर 2017 में  भारतीय वायुसेना के लड़ाकू सुखोई -30 एमकेआई के साथ सफल परीक्षण किया गया था. और इस बार भी सूखोई और ब्रह्मोस की डेडली कांबिनेशन जोड़ी ने हमे गर्व करने का दोबारा मौका दे दिया है.
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इस वजह से खास है ब्रह्मोस
दरअसल ब्रह्मोस एक सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल है जो 290 किलोमीटर तक लक्ष्य भेद सकता है. और सूखाई-30 फुल टैंक ईंधन के साथ 2500 किलोमीटर तक वार कर सकता है.
रक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि ब्रह्मोस का निशाना अचूक होता है इसलिए इसे ‘दागो और भूल जाओ‘ मिसाइल के नाम से भी जाना जाता है.
यही नहीं ब्रह्मोस कम ऊंचाई पर उड़ान भरकर भी रडार की पकड़ में नहीं आ सकती. यह मिसाइल पहाड़ों की छाया में छिपे दुश्मनों के ठिकाने को भी निशाना बना सकती है और साथ ही आम मिसाइलों के विपरीत यह हवा को खींच कर रेमजेट तकनीक से ऊर्जा भी प्राप्त करती है.
गौरतलब है कि 12 जून, 2001 को ब्रह्मोस का पहला सफल परीक्षण किया गया था जिसका नाम भारत की ब्रह्मपुत्र नदी और रूस की मस्कवा नदी के नाम पर रखा गया था.
ब्रह्मोस मिसाइल आवाज की गति से करीब तीन गुना अधिक यानी 2.8 माक से हमला करने में सक्षम है. साथ ही इस मिसाइल की रेंज 290 किलोमीटर है और ये 300 किलोग्राम भारी युद्धक सामग्री भी अपने साथ ले जा सकती है.