आपका जाना किसी को भी पसंद नहीं माननीय “अटल” जी, राजनीति के एक युग का हुआ अंत

Atal Bihari Vajpayee Death

Atal Bihari Vajpayee Death : आज की शाम देश ने खोया असली भारत रत्न

Atal Bihari Vajpayee Death : आज की शाम व्यक्तिगत रूप से शायद किसी के लिए भी बड़ी हताश करने वाली होगी,आज देश का कोई भी घर ऐसा नहीं होगा जिसकीआंखें हमारे पूर्व प्रधानमंत्री के गुजर जाने से भीगी ना हो.

जी हां भारत रत्न,पूर्व प्रधानमंत्री और एक महान इंसान अटल बिहारी वाजपेयी का 93 वर्ष की उम्र में आज निधन हो गया है.
देश की राजनीति में एक करिश्माई नेता कहे जाने वाले अटल बिहारी वाजपेयी ने दिल्ली के एम्स अस्पताल में शाम 5 बजकर 5 मिनट पर अपनी अंतिम सांसे ली.
बता दें कि अटल जी एक लंबे अरसे से डिमेंशिया नाम की गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे इसी वजह से वह सार्वजनिक जीवन से भी दूर थे.
देशवासियों को उनके अंतिम दर्शन साल 2015 में 27 मार्च को हुआ जब तत्कालीन राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी उन्हें खुद भारत रत्न से सम्मानित के लिए उनके घर पहुंचे थे.

दो महीने से एम्स में थे भर्ती
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पूर्व प्रधानमंत्री को उनकी खराब सेहत के कारण दो महीने पहले 11 जून को एम्स में भर्ती कराया गया था. उस समय उन्हें यूरिन में इन्फेक्शन की शिकायत थी जिसके बाद डॉक्टरों ने उन्हें भर्ती कर इलाज शुरू कर दिया.
मगर पिछले 36 घंटों में उनकी तबीयत काफी बिगड़ने लगी और उन्हें लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर रखा गया था.
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प्रधानमंत्री सहित बीजेपी के सभी नेता पहुंचे देखने
जैसे ही अटल बिहारी का स्वास्थ्य नाजुक होने की खबर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लगी वो स्वतंत्रता दिवस के कार्यक्रम के तुरंत बाद ही उन्हें देखने के लिए अस्पताल रवाना हो गए.
यही नहीं आज सुबह भी वो उनका हालचाल जानने एम्स पहुंचे थे.उनके अलावा बीजेपी के सीनियर लीडर लाल कृष्ण आडवणी,गृहमंत्री राजनाथ सिंह,राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह,स्वास्थय मंत्री जेपी नड्डा और पर्यावरण मंत्री हर्ष वर्धन भी उन्हें देखने के लिए एम्स पहुंचे थे

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विपक्षी नेताओ ने भी अटल का जाना था हाल
गौरतलब है कि हमारे पूर्व प्रधानमंत्री के विचारों और उनके व्यक्तिगत व्यवहार की वजह से विपक्षी पार्टी के नेता भी उनका बड़ा ही आदर सम्मान करते थे.
यही वजह थी कि कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष राहुल गांधी से लेकर दिल्ली के मुख्यमंत्री केजरीवाल तक हर कोई उनका हाल जानने के लिए अस्पताल में पहुंचा था.
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देश के पहले गैर कांग्रेसी पूर्ण प्रधानमंत्री थे अटल
1924 में मध्य प्रदेश के ग्वालियर शहर में जन्म लेने वाले अटल बिहारी वाजपाई देश के पहले गैर कांग्रेसी प्रधानमंत्री थे जिन्होंने अपना 5 साल का कार्यकाल पूरा किया था.
राजनीति में उनका पहला झुकाव साल 1942 में भारत छोड़ो आंदोलन से हुआ था. फिर आजादी के तुरंत बाद वो राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के आजीवन प्रचारक बन गए.
वहां अपनी राजनीत सूझ बूझ और मिलनसार व्यवहार के जरिए जल्द ही उन्हें जनसंघ का एक कद्दावर चेहरा बना दिया गया