क्या आपको भी लगता है कि इस फोटो में अश्लीलता है, अगर हां तो ये खबर जरूर पढ़ लें

Breastfeeding Women Magazine Cover Photo

Breastfeeding Women Magazine Cover Photo : कोर्ट ने कहा कि तस्वीर में नहीं देखने वालों की आंखों में अश्लीलता है

Breastfeeding Women Magazine Cover Photo : हमारे देश में अब विवादों की कोई सीमा नहीं बची है, लोग अपनी फालतु की बातों से बिना मतलब के नए नए विवाद खड़े कर देते हैं.

ऐसा ही कुछ साउथ इंडिया में देखने को आया है जहां एक मलयालम भाषा की मैगजीन के कवर फोटो पर लोगों ने विवाद खड़ा दिया .
दरअसल उस फोटो में एक मलायलम अभिनेत्री को बच्चे को सत्नपान कराते हुए दिखाया गया था. साथ ही उसके साथ कैप्शन में मलयालम भाषा में यह भी लिखा है कि “जब हम ब्रेस्टफीड(स्तनपान) करा रहे हों तो हमें घूरे नहीं”
इसके बाद जैसे ही ये मैग्जीन लोगों के बीच पहुंची तो बड़ी मात्रा में सब ने  मिलकर इस तस्वीर को अश्लील बताते हुए विवाद शुरू कर दिया.
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फिर देखते ही देखते ये मामला इतना बढ़ गया कि इसके विरोध में लोगों ने कोर्ट केस तक कर दिया. केस दर्ज करने वाले याचिकार्ता का कहना था कि यह तस्वीर समाज में अश्लीलता परोसती है.साथ ही उसने यह भी कहा कि ये तस्वीर सभ्य समाज को गंदा करने का काम करेगी.
क्या थी याचिका
इस केस में याचिका कर्ता का कहना था कि पत्रिका का कवर पेज यौन अपराध से बच्चों की सुरक्षा कानून की धाराएं 3 सी और 5 जे, तीन का उल्लघंन करता है. साथ ही यह किशोर न्याय कानून की धाराओं का भी उल्लघंन करता है.
बता दें कि कवर फोटो एक्ट्रेस गिलू जोसेफ की है, जो कि फरवरी महीने में गृहलक्ष्मी मैगजीन में छपी थी.

Breastfeeding Women Magazine Cover Photo

कोर्ट का बेहतरीन फैसला
इस केस को लेकर कोर्ट का बेहतरीन फैसला सामने आया है. कोर्ट ने याचिकाकर्ता से कहा कि अश्लीलता उस तस्वीर में नहीं बल्कि देखने वाले के आंखों में होती है.
केरल हाईकोर्ट ने दलील दी किसी एक आदमी की अश्लीलता, दूसरों की नजरों में अच्छाई भी हो सकती है. थी.
गौरतलब है कि यह मामला मार्च महीने का है. लेकिन कोर्ट में इस मामले की सुनवाई के दौरान जजों की टिप्पणी से ये एक बार फिर लोगों के संज्ञान में आ गया है.
जानिए आखिर केरल हाई कोर्ट में क्या हुआ
इस मामले की गंभीरता को देखते हुए इस केस को केरल हाई कोर्ट ने अपने निगरानी में रखा था. अपने फैसले में कोर्ट ने इस केस की याचिका को खारिज करते हुए कहा कि व्यक्ति के लिए जो चीज अभद्रता है वही दूसरे के लिए काव्यात्मक हो सकती है.
यही नहीं कोर्ट ने अपने फैसले में कामसूत्र, राजा रवि वर्मा की पेंटिंग्स और अजंता की मूर्तियों का उदाहरण देते हुए कहा कि पुराने भारतीय परंपरा में भी इस तरह की कला का चित्रण किया जा चुका है.
न्यायमूर्ति एंटनी डोमिनिक और दाम शेषद्रि नायडू की पीठ ने अपने आदेश में कहा कि हमें तस्वीर में कुछ भी अश्लील नहीं लगा, न ही इसके कैप्शन में ऐसा कुछ दिखा.
कौन हैं गिलू जोसेफ
गिलू जोसेफ तमिल सिनेमा में एक मॉडल, अभिनेत्री, कवियित्रि और एयरहोस्ट्रेस हैं.यह लोगों के बीच पहली बार चर्चा मैं तभी आई जब इनकी ब्रेसटफिडिंग वाली तस्वीर मैगजीन के कवर पेज पर पब्लिश हुई.
उस वक्त इस पर उठे विवाद को लेकर इंडियन एक्सप्रेस को दिए इंटरव्यूह में गिलू ने कहा था कि उन्हें आखिर इसमें क्या गलत है, कौन सा भगवान बच्चे को स्तनपान कराने से आप से नाराज होगा.
उन्होंने कहा था कि ये तस्वीर बिल्कूल प्राकृतिक है और किसी को भी ऐसा करने में शर्म नहीं आनी चाहिए.
हालांकि उनकी इस तस्वीर के खिंचवाने के फैसले पर खुद उनका परिवार भी उनके साथ नही था.लेकिन फिर भी आज तक उन्हें इस मैगजीन का हिस्सा रहना काफी गर्व है.
सोशल मीडिया से मिली अच्छी प्रतिक्रिया
किसी भी कम को कुछ लोग गलत कहते हैं तो कुछ उसके सपोर्ट में भी रहते हैं.सोशल मीडिया पर भी कुछ लोगों ने गिलू की इस तस्वीर को अश्लील बताते हुए उन्हें बेकार के कई सारे ज्ञान दे डाले.
मगर उन्हीं में से कुछ लोगों ने उनके इस कदम को काफी सराहा है और गिलू की ऐसा साहसिक कदम उठाने के लिए प्रशंसा भी की थी.
गौरतलब है कि अब तक किसी भी मॉडल या अभिनेत्री की स्तनपान वाली तस्वीर ऐसे पब्लिकली नहीं सामने आई थी.
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स्तनपान की तस्वीर पर विवाद क्यों
उल्लेखनीय है कि हमारे देश में महिलाओं को हमेशा से पर्दे के पीछे की वस्तु समझा जाता है. उसके लिए वो सब मनाही है जो उसके सौंदर्य से जुड़ा हो .
इस मामले में भी उसका स्तनपान कराना कोई बड़ा मुद्दा नहीं था, लेकिन उसका अंग प्रदर्शन लोगों की आंखे में चुभ रहा था.
इस तरह की मानसिकता वाले लोगों की नजरों ने उस मैगजीन के कवर पेज पर फोटो के बगल में छपि लाइनों का मतलब नहीं समझा.
हालांकि सिर्फ भारत ही नहीं बल्कि दुनिया के कई ऐसे देश हैं जहां स्तनपान को अश्लील माना जाता है और उसे घृणा की नजरों से देखा जाता है.
इसी सोच को बदलने के लिए मैगजन ने अपने कवर पेज पर इस तस्वीर को स्थान दिया. खुद गिलू का मानती हैं कि ये कवर फोटो उन हजारों-लाखों माओं को बताएगा कि वो अपने बच्चे को बिना किसी डर के स्तनपान करा सकती हैं.