Chipko Movement Google Doodle : गूगल ने डूडल बनाकर चिपको आंदोलन की सफलता का मनाया जश्न

Chipko Movement Google Doodle
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Chipko Movement Google Doodleचिपको आंदोलन किसानों द्वारा पर्यावरण के लिए उठाया गया सबसे पहला और महत्वपूर्ण कदम था.

Chipko Movement Google Doodle : चिपको आंदोलन के आज 45 साल होने पर गूगल सर्च इंजन ने डूडल बनाकर इसे याद किया है.
गूगल ने अपने इस डूडल में आंदोलन के उद्देश्य के अनुसार पेड़ के आसपास घेरा बनाकर खड़ी महिलाओं को दिखाया गया है.
दरअसल चिपको आन्दोलन की शुरुआत पर्यावरण की रक्षा के लिए की गई थी. इस आन्दोलन की शुरुआत भारत के उत्तराखण्ड राज्य जो तत्कालीन समय में उत्तर प्रदेश का भाग था उसके एक छोटे से चमोली जिले में हुई थी.
आपको बता दें कि इस आंदोलन में किसानों ने वृक्षों की हो रही कटाई का विरोध प्रदर्शन किया था.
दरअसल साल 1973 में राज्य के वन विभाग के ठेकेदारों ने जंगलों के वृक्षों पर अपना अधिकार जता कर कटाई चालू कर दी थी जिसे रोकने के लिए यह चिपको आंदोलन किया गया.
बता दें कि इस आंदोलन में वृक्ष के चारों तरफ यानि वृक्षों से चिपक कर किसानों ने वृक्षों की कटाई रोकने की पहल की थी.
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इस आंदोलन की खास बात यह रही थी इसमें सबसे ज्यादा महिलाएं पेड़ों से चिपकर खड़ी हुई थी जिसे डूडल में भी दिखाया गया है.  इसका मतलब साफ है कि आंदोलन में अधिकतर महिलाएं शामिल थीं.
यही नहीं आपको बता दें कि चिपको आंदोलन को नेतृत्व करने वालों में प्रसिद्ध पर्यावरणविद् सुन्दरलाल बहुगुणा, चण्डीप्रसाद भट्ट के साथ एक महिला गौरादेवी का परिश्रम शामिल था.
किसानों के इस चिपको आंदोलन के बाद ही केंद्रीय राजनीति में पर्यावरण की सुरक्षा एक मजबूत मुद्दा बना दिया था.
इसलिए यह कहना गलत ना होगा कि भारत में 1980 का वन संरक्षण अधिनियम और केंद्र सरकार में पर्यावरण मंत्रालय का गठन भी चिपको आंदोलन की वजह से संभव हो पाया.
गौरतलब है कि 1980 में इस आंदोलन ने एक बड़ी जीत हासिल की और इसी के चलते तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गाँधी ने भी हिमालयी वनों में वृक्षों की कटाई पर 15 साल के लिए रोक लगा दी थी.
यही नहीं बाद में इस आन्दोलन की सफलता का असर कई राज्यों में देखने को मिला और पर्यावरण के प्रति लोगों में  जागरुकता भी बढ़ी.