जानिए, कॉलेज की पढ़ाई बीच में छोड़ने वाले दुनिया के अरबपतियों की कहानी

College Dropouts Billionaires : इन्होंने अपना कैरियर कॉलेज की पढ़ाई से नहीं अपने तेज दिमाग और मेहनत से बनाया है.

College Dropouts Billionaires : बचपन में हमें अक्सर यही हिदायत दी जाती है कि जिंदगी में अगर सफल इंसान बनना है तो पढ़ाई करके खूब अच्छे नंबर लाओ ताकि तुम्हें अच्छा कॉलेज मिल सके.

दरअसल हमारे समाज में आज भी एक अच्छा कॉलेज ही हमारे भविष्य की गारंटी देता है.
लेकिन क्या आपको पता है कि इसी दुनिया में कुछ ऐसे लोग भी हैं जिन्होंने यह साबित किया है कि अगर आप मेहनती हैं तो आपको अपने सपने पूरे करने के लिए किसी डिग्री या कॉलेज की जरूरत नहीं है.
आइए जानते हैं आज दुनिया के उन अरबपतियों के नाम जिन्होंने अपनी सफलता किसी कॉलेज की पढ़ाई से नहीं बल्कि अपनी मेहनत और तेज दिमाग से हासिल करी है.

College Dropouts Billionaires

बिल गेट्स
दुनिया के दूसरे नंबर के सबसे अमीर शख्स बिल गेट्स एक कॉलेज ड्रापआउट स्टूडेंट हैं.
1973 में उन्होंने हावर्ड यूनिवर्सिटी ज्वाइन की थी जहां उन्होंने अपने स्कूल दोस्त पॉल एलेन के साथ मिलकर प्रोग्रामिंग की भाषा बेसिक डिवेलप करनी शुरू की, और फिर दो साल बाद उन्होंने माइक्रोसॉफ्ट शुरू करने के लिए कॉलेज छोड़ दिया.
हालांकि 2007 में उसी हावर्ड यूनिवर्सिटी ने उन्हें मानद डिग्री देकर सम्मानित किया.
यूनिवर्सिटी के शुरुआती दिनों में अपने लक्ष्य के बारे में पूछे जाने पर बिल गेट्स ने कहा था कि मैं 30 साल की उम्र तक मिलियेनर बन जाना चाहता हूं. मगर तथ्य यह है कि 31 साल की उम्र में वह बिलियेनर बन गए थे.
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1986 में उनकी कंपनी शेयर मार्केट में एंटर हुई जिसके बाद धनाढयो की सूची में शामिल हो गए. इसके बाद तो मानों उनके पास पैसों का पेड़ सा लगा गया और वो 1992 में अमेरिका के और 1995 में दुनिया के सबसे अमीर आदमी बन गए.

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मार्क जर्करबर्ग
फेसबुक फाउंडर और सीईओ मार्क जकरबर्ग भी बिलगेट्स की तरह ही हॉवर्ड के कॉलेज ड्रॉपआउट हैं. फेसबुक की जबरदस्त सफलता के चलते मार्क जकरबर्ग 2007 में अरबपति बन गए थे. उस वक्त वो सिर्फ 23 साल के थे और अब उनकी गिनती  दुनिया के पांचवे सबसे अमीर शख्स के तौर पर होती है.

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लैरी एलिसन
लैरी एलिसन ओरेकल के सह-संस्थापक हैं और 1963 में उन्हें इलिनॉय विश्वविद्यालय से बाहर कर दिया गया था. फिर उन्होंने 1964 कैलिफोर्निया जाने से पहले शिकागो विश्वविद्यालय में एक साल बिताया लेकिन वहां से भी उन्होंने ड्रॉप ले लिया. बाद में उन्होंने 1977 में अपनी कंपनी ओरेकल की स्थापना जिसकी नेटवर्थ इस समय 50.8 अरब डॉलर है.
इस समय उनकी नेट वर्थ 3760 अरब रुपए है.

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ट्रेविस कालानिक
उबर के सह-संस्थापक ट्रैविस कलैनीक ने कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय से लॉस एंजिल्स में कंप्यूटर इंजीनियरिंग का अध्ययन किया है. कलैनीक ने ग्रैजुएट होने से कुछ समय पहले ही कॉलेज को छोड़ने का फैसला किया था और आज कलैनिक के पास 4.17 अरब डॉलर का नेट वर्थ है.

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माइकल डेल
डेल कंपनी के संस्थापक माइकल डेल ने टेक्सास विश्वविद्यालय में एक बॉयलोजी के तौर पर एडमिशन लिया था लेकिन 19 साल की उम्र में उन्हें कॉलेज से बाहर निकाल दिया गया था.
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वह अब अपनी कंपनी डेल टेक्नोलॉजीज के मलिक और दुनिया का 42वें सबसे अमीर व्यक्ति हैं, उनकी कंपनी की नेट वर्थ 20.9 अरब है.

स्टीव जॉब्स
ऐप्पल सह-संस्थापक स्टीव जॉब्स ने केवल एक सेमेस्टर में भाग लेने के बाद ही पोर्टलैंड में रीड कॉलेज से बाहर निकल गए थे क्योंकि उनके परिवार पर पैसों का बहुत बोझ बढ़ रहा था. वह अंततः एप्पल, नेक्स्ट कंप्यूटर और पिक्सर सहित कई कंपनियों की स्थापना कर चुके हैं.बता दें कि स्टीव जॉब्स 5 अक्टूबर, 2011 को 56 साल की उम्र में दुनिया को अलविदा कह दिया.

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अजीज प्रेमजी
अजीज प्रेमजी भारत के तीसरे अमीर व्यक्ति हैं. भारत के बिजनेज टायकून माने जाने वाले प्रेमजी को अपने पिताजी की मौत के कारण कॉलेज बीच में ही छोड़ना पडा और 21 साल की उम्र में वो विप्रो के चेयरमैन की जिम्मेदारी उनके कंधो पर आ गई. इसके बाद लगातार मेहनत से उन्होंने कंपनी को आगे बढ़ाया.

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मुकेश अंबानी
धीरूभाई अंबानी के बड़े सुपुत्र मुकेश अंबानी भारत के सबसे अमीर व्यक्ति हैं, जिनका एशिया के राईसों में दूसरा औऱ दुनिया में 22वां स्थान है. उन्हें भी पिता का बिजनेस संभालने के लिए कॉलेज बीच में ही छोड़ना पड़ा. उनका मानना था कि स्टेनफोर्ड कॉलेज में पढ़ने से बेहतर वह अपने पिता के अनुभव से सीखेंगे.