लोन लेने से पहले जाने लें EMI चुकाने के ये फंडे, बाद में नहीं होगी कोई चिंता

Personal Loan EMI Repayment Tips
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Personal Loan EMI Repayment Tips : इन टिप्स को फॉलो करके आप EMI के मकड़जाल से बच सकेंगे 

Personal Loan EMI Repayment Tips : अपनी निजी जिंदगी के लिए जरूरतें पूरी करनी हों या व्यापार में अधिक निवेश इन सब में लोन आपकी सभी इच्छाओं को पूरा करने में काफी मददगार साबित होता है.

आम जीवन में कम ही ऐसा होता कि रेगुलर इनकम से सेविंग कर हम अपनी बड़ी आवश्यकताओं को पूरा कर सकें, ऐसे में बैंक लोन एक अच्छा विकल्प होता है.
लेकिन कई बार बिना प्लानिंग के लोन लेना आपको फायदे की जगह नुकसान में भी ड़ाल सकता है. इसलिए लोन के लिए सही चुनाव और बेहतर प्लानिंग की जरूरत होती है.
आइए बताते हैं इस बोझ को कम करने के लिए कुछ उपाय जो आपकी लोन पे करने की टेंशन कम कर देंगे.
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EMI का बोझ जेब पर पड़ने से बचें 

किसी भी लोन को लेने से पहले यह तय कर लेना चाहिए कि कितनी बड़ी ईएमआई को आराम से चुकाया जा सकता है,उसी हिसाब से लोन की अवधि भी तय कर लेनी चाहिए.
तय सीमा के अंदर लोन लेने से आप समय पर ईएमआई चुका पाएंगे, जिसके चलते क्रेडिट स्कोर पर बुरा प्रभाव नहीं पड़ेगा और साथ ही भविष्य में भी लोन मिलने में मुश्किल नहीं होगी.

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बड़े लोन से पहले कराएं इंश्योरेंस  

किसी भी बड़े लोन लेने से पहले एक पर्याप्त इंश्योरेंस पॉलिसी लेने की कोशिश करें. ऐसा करने से कई तरह की मुश्किलों से बचाव होगा और लोन चुकाने की क्षमता पर भी बुरा असर नहीं पड़ेगा.
वहीं अगर पॉलिसी की अवधि के दौरान उधारकर्ता की मौत हो जाती है तो उसके परिवारजनों को अधिक मुश्किलों का सामना नहीं करना पड़ेगा.

लोन में हो फ्लेक्सिबल पीरियड

लोन की अवधि बिल्कुल फ्लेक्सिबल होनी चाहिए. ताकि समय के साथ आपकी इनकम बढ़ने पर आप निर्धारित समय अवधि से पहले ही लोन चुका सकें.
इस तरह समझदारी से काम लेने पर ब्याज भी बचाया जा सकता है. यही नहीं फ्लेक्सिबल पीरियड की सुविधा से ईएमआई चुकाने में परेशानी महसूस होने पर आप अपनी लोन कंपनी के साथ अपने लोन को बढ़वा भी सकते हो.

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लोन ट्रांसफर करने की फैसिलिटी

गौरतलब है कि किसी भी लोन की ब्याज दरें, पूरे लोन अवधि के दौरान एक जैसी नहीं रहती हैं.
इसलिए आप जिस भी कंपनी से लोन लें अगर वो बाजार दरों से अधिक ब्याज लेने लगे तो ईएमआई का बोझ कम करने के लिए लोन को किसी अन्य कंपनी के पास ट्रांसफर कर लेना चाहिए.
हालांकि ऐसा करने से पहले आपको लोन ट्रांसफर के कारण होने वाले फायदे-नुकसान का हिसाब भी लगा लेना चाहिए.
दरअसल ज्यादा से ज्यादा ब्याज बचाने के लिए लोन को शुरूआती दौर में ही स्विच या ट्रांसफर करना बेहतर होता है क्योंकि लोन की अवधि के आखिरी दौर में लोन स्विच करने पर बहुत कम ब्याज बचाया जा सकता है.
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डेब्ट कंसोलिडेशन अपनाएं

एक साथ कई लोन को मैनेज करना बहुत मुश्किल हो सकता है इस स्थिति में अपने सभी लोन को एक लोन में कंसोलिडेट करने का ऑप्शन चुनना फायदेमंद साबित होगा.

सभी लोन को कंसोलिडेट कर बनाएं एक 

ईएमआई मिस होने पर आपका क्रेडिट स्कोर ख़राब हो सकता है. इसलिए अपने बैंक को सभी लोन को कंसोलिडेट करने का अनुरोध करें ताकि ऐसी स्थिति से बच सकें.
एक और रास्ता अपनाते हुए किसी भी बैंक से एक बड़े लोन के लिए आवेदन कर सकते है, जिससे अपने सभी छोटे और अधिक ब्याज दरों वाले लोन को चुकाने में आसानी होगी.
वहीं लोन की संख्या को एक या दो में भी बदल सकते हैं लेकिन लोन को कंसोलिडेट करते समय बैंकों द्वारा ली जाने वाली प्रीपेमेंट पेनाल्टी के प्रभाव को जांचना न भूलें.