“निशानचूक माफ लेकिन नहीं माफ नीचू निशान”, क्या है पीएम मोदी की इस कहावत का मतलब

Pm Modi 2018 Independence Day Speech

Pm Modi 2018 Independence Day Speech : 72वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर लाल किले से पीएम मोदी ने बांधा देश के विकास का समा

Pm Modi 2018 Independence Day Speech :  “आज देश एक आत्‍मविश्‍वास से भरा हुआ है.सपनों को संकल्‍प के साथ परिश्रम की पराकाष्‍ठा कर-करके देश नई ऊंचाईयों को पार कर रहा है. आज का सूर्योदय एक नई चेतना, नई उमंग, नया उत्‍साह, नई ऊर्जा ले कर आया है”

ये शब्द हैं भारत के 15वें प्रधानमंत्री श्री नरेंद मोदी जी के, जिन्होंने आज स्वतंत्रता दिवस के मौके पर लाल किले से देश के सम्बोधन में ऐसे कई वाक्यों का प्रयोग किया है. आइए जानतें है उनके भाषण के कुछ महत्वपूर्ण बिंदू.
1. पीएम मोदी ने इस बार के मॉनसून सत्र के बारे में बात करते हुए कहा कि इस बार संसद का सत्र बेहद ढंग से चला है.
दलित हो, पीडि़त हो, शोषित हो, वंचित हो, महिलाएं हो उनके हकों की रक्षा के लिए संसद सत्र समर्पित रहा है. ( ज्ञात हो इस  साल का मानसून सत्र साल 2000 के बाद सबसे ज़्यादा लाभकारी रहा  है )

2. भाषण में पीएम मोदी ने इस बात पर ज़ोर दिया कि भारत अब विश्व की 6ठीं सबसे बड़ी एकॉनमी बन गया है. ( बता दें कि पीएम मोदी के सत्ता में आने के बाद भारत का विकास दर काफी बढ़ा है और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भी भारत को काफी सपोर्ट मिला है जिसके कारण भारत एकॉनमी के मामले  6ठे स्थान पर है. )

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3. पीएम मोदी ने देश के कई इलाकों में आयी बाढ़ से पीड़ित लोगों को भी सन्देश दिया कि देश की जनता उनके साथ है ( इस समय केरला और उत्तराखंड के कुछ हिस्सों में भारी बारिश के कारण बाढ़ आ चुकी है, इस बाढ़ के चलते कई जगह जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है. )
4. इसके अलावा पीएम मोदी ने लाल किले से आने वाली बैसाखी को जलियांवाला बाघ के 100 वर्ष पूरे होने का ज़िक्र किया.
उन्होंने कहा कि जलियावालां बाग हमारे देश के उन वीरों के त्‍याग और बलिदान का का संदेश देता है. मैं उन सभी वीरों को हृदयपूर्वक, आदरपूर्वक नमन करता हूं”
5. टीम इंडिया का पिछले वर्ष की तरह ज़िक्र करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि ” जब सवा सौ करोड़ देशवासियों की भागीदारी होती है, जन-जन देश को आगे बढ़ाने के लिए हमारे साथ जुड़ता है.
सवा सौ करोड़ सपने, सवा सौ करोड़ संकल्‍प, सवा सौ करोड़ पुरुषार्थ, जब निर्धारित लक्ष्‍य की प्राप्ति के लिए सही दिशा में चल पड़ते हैं तो क्‍या कुछ नहीं हो सकता?”
6. पीएम मोदी ने लाल किले से देश में बढ़ रही अनाज की पैदावार समेत देश में manufacture हो रहे मोबाइल फ़ोन्स का भी ज़िक्र किया.
उन्होंने कहा कि देश में आज रेकॉर्डतोड़ पैदावार है चाहे अनाज हो या मोबाइल,वहीं देश में एक तरफ जहां नए शौचालय बन गए हैं तो वहीं नए IIT, IIM भी खुले हैं.
7.निशानचूक माफ लेकिन नहीं माफ नीचू निशान’ इस कहावत को कहते हुए पीएम मोदी ने कहा Aim बड़े होने चाहिए, सपने बड़े होने चाहिए. उसके लिये मेहनत करनी पड़ती है, जवाब देना पड़ता है.
लेकिन अगर लक्ष्य बड़े नहीं होगें, लक्ष्य दूर के नहीं होगें, तो फिर फैसले भी नहीं होते हैं ऐसे में विकास की यात्रा भी अटक जाती है और इसलिये मेरे प्यारे भाइयों-बहनों, हमारे लिये आवश्यक है कि हम बड़े लक्ष्य लेकर के संकल्प के साथ आगे बढ़ने की दिशा में प्रयास करें.
8. आखिर में पीएम मोदी ने अपने भाषण में GST, Ease of doing business और डिजिटल इंडिया का भी ज़िक्र किया था.
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अंत में  पीएम मोदी ने इस कविता सुनाते हुए अपने भाषण को खत्म किया था, उन्होंने कहा… 
अपने मन में एक लक्ष्‍य लिए,
अपने मन में एक लक्ष्‍य लिए,
मंजिल अपनी प्रत्‍यक्ष लिए,
अपने मन में एक लक्ष्‍य लिए,
मंजिल अपनी प्रत्‍यक्ष लिए हम तोड़ रहे है जंजीरें,
हम तोड़ रहे हैं जंजीरें,
हम बदल रहे हैं तस्वीरें,
 नवयुग है, ये नवयुग है,
ये नवभारत है, ये नवयुग है,
“खुद लिखेंगे अपनी तकदीर, हम बदल रहे हैं तस्वीर,
खुद लिखेंगे अपनी तकदीर, ये नवयुग है, नवभारत है,
हम निकल पड़े हैं, हम निकल पड़े हैं प्रण करके,
हम निकल पड़े हैं प्रण करके, अपना तनमन अर्पण करके,
अपना तनमन अर्पण करके, ज़िद है, ज़िद है, ज़िद है,
एक सूर्य उगाना है, ज़िद है एक सूर्य उगाना है,
अम्बर से ऊंचा जाना है, अम्बर से ऊंचा जाना है,
एक भारत नया बनाना है, एक भारत नया बनाना है।।”