जानिए क्या होती है बॉल टेंपरिंग, और कैसे ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी फंसे इस चक्कर में

Australia Ball Tampering
फोटो साभार - ट्वीटर

Australia Ball Tampering : कप्तान स्टीव स्मिथ को गंवानी पड़ी कप्तानी

Australia Ball Tampering : ऑस्ट्रेलिया में चल रही साउथ अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया के बीच की टेस्ट सीरीज कुछ खिलाड़ियों के कारण दागदार बन गई है.

हालांकि सीरीज के पहले मैच से ही इसमें कई तरह के विवाद सामने आने लगे थे लेकिन तीसरे टेस्ट में इस पर ऐसा दाग लगा जिसने ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट को पूरी तरह शर्मसार कर दिया है.
बात यहां तक पहुंच गई है कि दुनिया आज ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट टीम को चीटर लिखकर उसको ट्रोल कर रही है.
क्रिकेट के जानकर, दिग्गज क्रिकेटर और खुद पूर्व ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी भी इससे खासे नाराज है. हर ओर से आ रही प्रतिक्रया के बीच कप्तान स्टीव स्मिथ अपनी कप्तानी तो गंवा ही चुके हैं साथ ही एक मैच के बैन का सामना भी कर रहे हैं.
लेकिन इसके बावजूद लोग आईसीसी से और कड़ी सजा की मांग कर रहें हैं जिस वजह से कप्तान स्टीव और उप कप्तान वॉरनर के करियर पर तलवार लटकने लगी है.
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क्या  है पूरा विवाद
दरअसल साउथ अफ्रीका के खिलाफ तीसरे टेस्ट के तीसरे दिन फील्डिंग के दौरान आस्ट्रेलियाई खिलाड़ी  बैंक्रॉफ्ट  के हाथों में कोई चीज देखी गई जिसके बाद अंपायरों ने उनसे बात की.
 बैंक्रॉफ्ट को कई बार वो चीज गेंद में लगाते और घिसते देखा गया यही नहीं उनकी ये हरकत कैमरे पर भी कैद हो गई जिसके बाद मैच के 43वें ओवर में अंपायर निजेल लॉन्ग और रिचर्ड इलिंगवर्थ ने स्मिथ और  बैंक्रॉफ्ट से बात की.
हालांकि अंपायरों के पास जाने से पहले बैंक्रॉफ्ट ने उसे अपने पैंट के अंदर छुपा लिया. इस दौरान देखा गया कि  बैंक्रॉफ्ट के पास कोई पीली चीज थी.
फिर उन्होंने अपनी जेबें खाली करके दिखाईं, जिसमें सिर्फ एक काला कपड़ा था. इसे देखकर अंपायरों ने गेंद नहीं बदलीं लेकिन स्क्रीन पर दिख रही तस्वीरों के बाद दर्शकों की तरफ से हूटिंग शुरू की गई.
25 वर्षीय स्मिथ ने खेल के बाद मीडिया के सामने स्वीकार करते हुए कहा कि उन पर गेंद की स्थिति बदलने की कोशिश यानि की बॉल टेंपरिंग करने के संबंध में कार्रवाई शुरू की गई है.
स्मिथ ने कहा कि यह एक बड़ी ग़लती थी जिसके बारे में टीम के ‘लीडरशिप ग्रुप’ से इस बारे में चर्चा की गई थी और ‘उन्होंने सोचा था कि यह फायदा लेने का एक तरीक़ा है.
क्या है बॉल टेंपरिंग
बॉल टेम्परिंग का इतिहास काफी पुराना है.यह फॉरमुला गेंद को रिवर्स स्विंग कराने के लिए तेज गेंदबाजों का सबसे प्रमुख हथियार माना जाती है. इसी वजह से धीरे-धीरे इसे दुनिया भर के सभी गेंदबाजों ने सीखा.
यही ऐसी कला है, जिसके लिए कई खिलाड़ी बेईमानी करते हैं और बॉल टेंपरिंग उसी का नतीजा है. बॉल टेंपरिंग इसलिए की जाती है, ताकि बॉल को रिवर्स स्विंग कराया जा सके पाकिस्तानी क्रिकेटर इसे ‘बॉल तैयार करना’ कहते हैं.
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2006 में पाकिस्तानी टीम पर लगे थे आरोप
साल 2006 में पाकिस्तान और इंग्लैड के बीच हुए मुकाबले में बेहद नाटकीय चीज़ें देखने को मिली थीं.
इस मैच में अंपायर डैरेल हेयर और बिली डॉक्ट्रोव ने ये कहते हुए इंग्लैंड को पांच पैनल्टी रन दे दिए कि पाकिस्तान ने बॉल टेंपरिंग की है. इस फैसले का विरोध करते हुए टी ब्रेक के बाद कप्तान इंजमाम उल हक ने मैदान पर आने से इंकार कर दिया.
जिसके बाद अंपायर्स ने इंग्लैंड को विजेता घोषित कर दिया था. बाद में आईसीसी ने पाकिस्तान पर लगे इस आरोप को वापिस ले लिया और मैच को ड्रॉ घोषित कर दिया.
सचिन भी हो चुके हैं शिकार
बॉल टेंपरिंग के मामले में क्रिकेट के भगवान सचिन तेंदुलकर को भी एक मैच का बैन झेलना पड़ चुका है. साल 2001 में साउथ अफ्रीका के खिलाफ सचिन को बॉल की सीम को घिसते हुए पाया गया था इस मामले में अंपायर माइक डेनिस ने सचिन पर एक मैच का बैन लगाया था.