जानिए, कॉमनवेल्थ खेलों के 8वें दिन किन खिलाड़ियों नें भारत को दिलाया मेडल

CWG 2018 Day 8 India Medal Win

CWG 2018 Day 8 India Medal Win : कल हुए खेलों में दो गोल्ड ,एक सिल्वर और एक ब्रॉन्ज मेडल भारत ने जीता है

CWG 2018 Day 8 India Medal Win : ऑस्ट्रेलिया में हो रहा इस बार का कॉमनवेल्थ गेम्स भारत के लिए काफी लकी रहा है.

हर दिन हमारे देश के खिलाड़ी अनेक वर्ग के खेलों में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रहे हैं. कल हुए रेसलिंग के मैचों में भी ये सिलसिला बरकरार रहा और लगभग हर भारतीय इस खेल में देश के लिए मेडल लाने में कामयाब रहा.
बता दें कि भारत ने कल हुए खेलों में दो गोल्ड ,एक सिल्वर और एक ब्रॉन्ज मेडल जीता है, आइए हम आपको बताते हैं उन खिलाड़ियों  के बारे में जिन्होंने नौवें दिन देश का नाम रोशन किया…
तेजस्वनी सावंत – 37 साल की शूटर तेजस्विनी सावंत ने दिन का पहला मेडल दिलाया उन्होंने महिलाओं की 50 मीटर एयर राइफल प्रोन स्पर्धा में सिल्वर मेडल जीता है.
तेजस्विनी 618.9 अंक के साथ दूसरे स्थान पर रहीं जबकि सिंगापुर की मार्टिना लिंडसे ने रिकॉर्ड 621.0 अंक हासिल कर गोल्ड मेडल अपने नाम किया. वहीं स्कॉटलैंड की सिओनेड (618.1) ने ब्रॉन्ज मेडल जीतने में कामयाबी हासिल की है.
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सुशील कुमार – गुरुवार को रेसलर सुशील कुमार ने बेहद खास तरह से 74 किग्रा फ्रीस्टाइल में गोल्ड जीता है. उन्होंने महज 1 मिनट 20 सेकंड में ही फाइनल मुकाबले अपने नाम कर लिया था यही नहीं सुशील ने दक्षिण अफ्रीका के जोहानस बोथा के खिलाफ 80 सेकंड में 10 अंक हासिल कर लिए.
बता दें कि सुशील भारत के एकमात्र ऐसे पहलवान हैं जिन्होंने दो ओलंपिक में मेडल जीता है.
पद्म भूषण, द्रोणाचार्य और अर्जुन पुरस्कार विजेता महाबली सतपाल से पहलवानी के गुर सीखने वाले सुशील ने 2008 के बीजिंग ओलिंपिक में ब्रॉन्‍ज और 2012 के लंदन ओलिंपिक में भारत के लिए सिल्‍वर मेडल जीता था.
राहुल आवरे – ऑस्ट्रेलिया के गोल्ड कोस्ट में आयोजित कॉमनवेल्थ गेम्स में गुरुवार को भारतीय कुश्ती दल के पहलवान राहुल अवारे ने भी 57 किग्रा वर्ग में गोल्ड जीता है. महाराष्ट्र के बीड़ जिले के छोटे से गांव पतारी के रहने वाले राहुल का कॉमनवेल्थ तक का सफर बेहद संघर्षपूर्ण रहा है.
एक साधारण किसान परिवार से आने वाले राहुल को हर महीने तकरीबन 5 से 10 हजार रुपए की जरुरत होती थी, जिसे उनके पिता ने बड़ी मुश्किलों से पूरा किया. राहुल की जीत के बाद उनके गांव में जश्न का माहौल है.
बबिता फोगाट – भारत की स्टार रेसलर और पिछली बार की कॉमनवेल्थ स्वर्ण पदक विजेता बबीता फोगाट इस बार राष्ट्रमंडल खेलों में गोल्ड मेडल से चूक गईं. गुरुवार को गोल्ड कोस्ट में खेले गए 53 किलो महिला कुश्ती स्पर्धा के फाइनल मुकाबले में बबीता ने सिल्वर मेडल अपने नाम किया. दरअसल वो कनाडा की डायना वेकर से फाइनल मुकाबला हार गई.
बबीता ने 2010 दिल्ली खेलों में रजत और ग्लास्गो में 2014 में स्वर्ण पदक जीता था.
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सीमा पूनिया – हरियाणा की सीमा पूनिया गोल्ड कोस्ट ‘गोल्ड मेडल’ जीतने के इरादे से गई थीं, लेकिन एक बार फिर उन्हें निराशा हाथ लगी सीमा को सिल्वर मेडल से संतोष करना पड़ा.
34 साल की सीमा ने सभी आठ प्रयासों में 60.41 मीटर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए दूसरे स्थान पर रहकर रजत पदक जीता. सीमा ने सबसे पहले 2006 मेलबर्न कॉमनवेल्थ खेलों में सिल्वर मेडल जीता था. इसके बाद 2010 दिल्ली कॉमनवेल्थ खेलों में उन्हें ब्रॉन्ज मेडल मिला था. इसके बाद ग्लास्गो कॉमनवेल्थ खेलों में भी वो सिल्वर जीतने में कामयाब रहीं थी.
नवजीत ढिल्लन – पंजाब की युवा डिस्कस थ्रोअर नवजीत ढिल्लन की शुरुआत निराशाजनक रही. उन्होंने पहले प्रयास में केवल 55.61 मीटर की दूरी तय की और दूसरे एवं तीसरे प्रयास में वह असफल रही.
हालांकि चौथे प्रयास में सुधार करते हुए नवजीत ने 56.22 मीटर तक चक्का फेंका, जबकि पांचवें प्रयास में वह केवल 54.09 मीटर की ही दूरी तय कर पाई.
ऐसा प्रतीत हो रहा था कि न्यूजीलैंड की सोसितीना हाकेई कांस्य पदक पर कब्जा करेंगी. लेकिन, अंतिम प्रयास में वह सिर्फ 56.96 मीटर की दूरी तय कर पाईं. जबकि नवजीत ने अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए 57.43 मीटर की दूरी तय करके कांस्य पदक अपने नाम कर लिया.