जानिए 2018 कॉमनवेल्थ खेलों के वेटलिफ्टिंग इवेंट में किन खिलाड़ियों ने भारत को दिलाया पदक

CWG 2018 Weightlifting Winners

CWG 2018 Weightlifting Winners : इस इवेंट में भारत ने जीते कुल 9 पदक, जानिए सबके नाम

CWG 2018 Weightlifting Winners : कॉमनवेल्थ गेम्स में जारी खेलों में सोमवार को वेटलिप्टिंग के मुकाबलों का अंत हो गया, भारत ने वेटलिफ्टिंग में शानदार प्रदर्शन करते हुए अब तक सबसे ज्यादा मेडल इसी खेल में जीता है.

2018 गोल्ड कोस्ट कॉमनवेल्थ गेम्स में आठ पुरुष और आठ महिला यानी कुल 16 एथलीट्स वेटलिफ्टिंग में भारत की ओर से मैदान में उतरे थे. जिसमें पहले दिन मीराबाई चानू के साथ शुरू हुआ यह सफर आखिर में विकास के ब्रॉन्ज पर थमा.
बता दें कि भारत ने इस साल वेटलिफ्टिंग में कुल नौ पदक हासिल किए जिसमें पांच गोल्ड दो सिल्वर और दो ब्रॉन्ज मेडल शामिल है.
आइए जानते हैं कॉमनवेल्थ गेम्स 2018 के वेटलिफटिंग श्रेणी में किन लोगों ने भारत के लिए पदक जीता….
मीराबाई चानू – मीराबाई ने पहले दिन ही देश को पहला गोल्ड जिताया, स्नैच राउंड में पहले उन्होंने 80, फिर 84 और तीसरी बार में 86 किलो भार उठा कर अपने लिए स्वर्ण पदक सुरक्षित किया.
इसके साथ ही उन्होंने अपना खुद का ही रिकॉर्ड तोड़ दिया. जबकि 23 साल की चानू ने स्नैच में 86 का स्कोर किया और क्लीन ऐंड जर्क में 110 स्कोर करते हुए कुल 196 स्कोर के साथ स्वर्ण अपने नाम किया.
सतीश कुमार – सतीश ने तीसरे दिन वेटलिफ्टिंग में पुरुषों के 77 किलोग्राम भारवर्ग में भारत को सोने का तमगा दिलाया.
सतीश ने स्नैच में 144 का सर्वश्रेष्ठ भार उठाया तो वहीं क्लीन एंड जर्क में 173 का सर्वश्रेष्ठ भार उठाया. यानि की कुल मिलाकर उनका स्कोर 317 रहा जिससे उन्हें क्लीन एंड जर्क में तीसरे प्रयास की जरूरत नहीं पड़ी.
वेंकट राहुल – राहुल ने भी तीसरे दिन देश को गोल्ड मेडल जिताया. यह मेडल भारत का दिन का चौथा गोल्ड मेडल था. 85 किग्रा वर्ग इवेंट में भारतीय भारोत्तोलक वेंकट राहुल रगला आखिरी में आए और उन्होंने पहले ही प्रयास में आसानी से 147 किग्रा का भार उठा लिया.
इसके बाद तीसरे प्रयास में उन्होंने 151 किग्रा का वजन उठाया. इसी के साथ वह स्नैच दौर में दूसरे स्थान पर पहुंच गए.
सामोआ के डॉन ओपेलोगे 190 किग्रा का भार उठाने के प्रयास में नाकाम रहे, जिसके बाद वेंकट का गोल्ड मेडल पक्का हो गया.
संजीता चानू – संजीता चानू ने कॉमनवेल्थ खेलों के दूसरे दिन भारत के लिए दूसरा गोल्ड मेडल जीता. संजीता ने अपने शानदार प्रदर्शन के दम पर महिलाओं की 53 किलोग्राम भारवर्ग स्पर्धा में भारत की झोली में एक और स्वर्ण डाला.
चानू ने स्नैच में 84 किलोग्राम का भार उठाकर कॉमनवेल्थ गेम्स का रिकॉर्ड बना डाला. वहीं क्लीन एंड जर्क में उन्होंने 108 किलोग्राम का भार उठाया और 192 के कुल स्कोर के साथ सोने का तमगा अपने नाम करने में सफल रहीं.
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पूनम यादव – एक किसान की बेटी बनारस की पूनम यादव ने 69 किलोग्राम भारवर्ग में गोल्ड मेडल जीता. रविवार को उन्होंने कुल 222 (स्नैच और क्लीन ऐंड जर्क) किलोग्राम वजन उठाया और देश के लिए मेडल जीता.
2014 में पूनम 63 केजी वेट कैटेगरी में उतरी थी और वहां ब्रांज मेडल जीता. पूनम की आर्थिक स्थिति बेहद खराब होने के कारण परिवार के पास उनकी इस जीत पर लोगों को मिठाई तक खिलाने के पैसे नहीं थे.
पूनम के पिता किसानी करने के साथ ही भैंसों का दूध बेचते थे और दूसरी तरफ परिवार भी बड़ा था लेकिन उन्होंने संघर्ष किया और यह मुकाम हासिल किया.
प्रदीप सिंह – भारत के प्रदीप सिंह ने कॉमनवेल्थ खेलों के पांचवें दिन भारत की झोली में एक और पदक डाल दिया.
प्रदीप ने पुरुषों के 105 किलोग्राम भारवर्ग वेटलिफ्टिंग इवेंट में सिल्वर मेडल हासिल किया. उन्होंने स्नैच में 152 का सर्वश्रेष्ठ भार उठाया, तो वहीं क्लीन एंड जर्क में 200 का सर्वश्रेष्ठ भार उठाया.
प्रदीप सिंह गोल्ड मेडल की दौड़ में थे, लेकिन क्लीन एंड जर्क में आखिरी दो प्रयासों में असफल रहने के बाद उन्हें रजत पदक से संतोष करना पड़ा.
दीपक लाटेर – दीपक ने देश के लिए पहला ब्रॉन्ज मेडल जीता. दीपक ने स्नैच के पहले ही प्रयास में 132 किग्रा का वजन उठाया जबकि दूसरे प्रयास में उन्होंने 136 किग्रा उठाया.
वहीं, क्लीन एंड जर्क में उन्होंने दोनों प्रयासों में 159 किलोग्राम का वजन उठाया इसके साथ ही उन्होंने कुल मिलाकर 295 किलोग्राम वजन उठाकर देश को दूसरे दिन एक और मेडल दिलाने में कामयाब रहे.
गुरुराजा पुजारी – कॉमनवेल्थ गेम्स के पहले ही दिन वेटलिफ्टर गुरुराजा पुजारी ने भारत का खाता खोला था. उन्होंने गुरुवार को 56 किलोग्राम (मेन्स) कैटेगरी में सिल्वर मेडल जीता.
25 साल के गुरुराजा पुजारी ने 56 किलोग्राम (मैन्स) कैटेगरी में कुल 249 किग्रा (स्नैच में 111 किग्रा और क्लीन एंड जर्क में 138 किग्रा) वजन उठाया.
गुरुराजा ने स्नैच की पहली कोशिश में 107 किग्रा भार उठाया फिर उन्होंने 111 किग्रा भार उठाने की कोशिश की, लेकिन फाउल कर गए.
हालांकि तीसरी और आखिरी कोशिश में उन्होंने 138 किग्रा का वजन उठाकर सिल्वर पक्का कर लिया.
विकास ठाकुर – विकास ठाकुर ने कॉमनवेल्थ गेम्स की वेटलिफ्टिंग स्पर्धा में भारत का शानदार अभियान जारी रखते हुए 94 किलो वर्ग में अपना सर्वश्रेष्ठ निजी प्रदर्शन कर ब्रॉन्ज मेडल जीत लिया.
विकास ने कुल 351 किग्रा वजन उठाया जबकि भारतीय भारोत्तोलक ने स्नैच में 159 किलोग्राम और क्लीन ऐंड जर्क में 192 किग्रा वजन उठाया. बता दें कि भारतीय वेटलिफ्टर विकास ने 2014 के कॉमनवेल्थ गेम्स में सिल्वर मेडल जीता था.