जकार्ता में 18वें एशियन खेलों का हुआ आगाज, इन भारतीय खिलाड़ियों से रहेगी गोल्ड की उम्मीद

Asian Games 14th Day Update Won Gold

Jakarta 18th Asian Games Opening : 45 देशों के करीब 11,000 खिलाड़ियों के बीच होगा मुकाबला

Jakarta 18th Asian Games Opening : कॉमनवेल्थ खेलों में शानदार प्रदर्शन के बाद भारतीय एथलीट खिलाड़ी अब इंडोनेशिया की राजधानी जर्काता में तिरंगा फहराने के लिए तैयार हैं.

दरअसल 18 अगस्त यानि की आज से शुरू हो चुके 18वें एशियन गेम्स में भारत के 800 लोगों का दल जकार्ता पहुंच चुका है.
बता दें कि इस टूर्नामेंट में कुल 45 देशों के करीब 11,000 खिलाड़ी समापान वाले दिन 2 सितंबर तक पदक जीतने के लिए एक दूसरे से मुकाबला करेंगे.
शनिवार को भारतीय समयानुसार शाम 5.30 बजे शुरू हुए उद्गाटन समारोह में भालाफेंक खिलाड़ी नीरज चोपड़ा ने तिरंगा थामे भारतीय दल की अगुवाई करी.
जानकारी के लिए बता दें कि इस बार के एशियन गेम्स में पहुंचे दल में 277 पुरुष और 247 महिला खिलाड़ी शामिल हैं.
खुशी की बात यह है कि इस बार भारत आठ और खेलों में हिस्सा लेगा, जिनमें देश को संभावनाएं दिख रही हैं. इन खेलों में कराटे, कुराश, पेंचक सिलाट, रोलर स्केटिंग, सेपकटकरा, ट्रॉयथलान, सॉफ्ट टेनिस शामिल हैं.
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इनके अलावा देश तीरंदाजी, एथलेटिक्स, बैडमिंटन, मुक्केबाजी, कैनो कयाक , कयाक , साइकलिंग, घुड़सवारी, तलवारबाजी, जिम्नास्टिक्स, गोल्फ, हैंडबॉल, हॉकी, जूडो, कबड्डी, रोइंग, रेसलिंग, निशानेबाजी, स्क्वॉश, तैराकी, गोताखोरी, टेनिस, ताइक्वांडो, टेबल टेनिस, वॉलीबॉल, भारोत्तोलन, कुश्ती, वुशू में हिस्सा लेगा.
जबकि पिछली बार 2014 के एशियाई खेलों में भारत ने 572 खिलाड़ी भेजे थे, जिन्होंने 28 खेलों में देश का प्रतिनिधित्व किया था.
पिछली बार साउथ कोरिया के इंच्योन शहर में खेले गए एशियाई खेलों में भारत ने 57 पदक अपने नाम किए थे जिसमें से 11 स्वर्ण, नौ रजत और 37 कांस्य पदक शामिल हैं.

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इन खिलाड़ियों पर रहेंगी नजर
1) सुशील कुमार – कुश्ती में भारत के सबसे सफल खिलाड़ी सुशील पर अतिरिक्त दबाव होगा क्योंकी वो इससे पहले के एक दो मैचों में फ्लाप रहे थे . इसलिए इस बार के एशिआई खेलो में दो बार के ओलंपिक पदक विजेता अपना चिर परिचित फॉर्म दिखाने को बेताब होंगे.
2) पीवी सिंधु – भारत में बैडमिंटन का सबसे बड़ा नाम बन चुकी 23 साल की सिंधु देश के लिए मेडल लाने की सबसे बड़ी उम्मीदवारों में से एक होगी.
विश्व चैंपियनशिप रजत पदक विजेता पीवी सिंधु से काफी उम्मीदें हैं. वहीं चार बड़े फाइनल हार चुकी सिंधु पर इस कलंक को धोने का भी दबाव है.
3) सायना नेहवाल : कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड हासिल करने वाली सायना के सामने बहुत बड़ी चुनौती होगी. उन्हें विश्व चैंपियनशिप में जिस तरह से मारिन ने हराया वह अच्छा संकेत नहीं था.
लेकिन उनके अनुभव और क्षमता को देखते हुए वह पदक की बड़ी उम्मीद है.
4) के श्रीकांत : राष्ट्रमंडल खेलों में रजत पदक विजेता श्रीकांत पुरुष एकल में भारत की अकेली उम्मीद हैं. अप्रैल में नंबर एक की रैंकिंग हासिल करने वाले श्रीकांत को चीन, इंडोनेशिया और जापान के खिलाड़ियों से कड़ी चुनौती मिलेगी.
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5) नीरज चोपड़ा : इस युवा जेवलिन थ्रोअर खिलाड़ी के कद का अहसास इसी से हो जाता है कि यह भारतीय दल के ध्वजवाहक हैं.
अंडर 20 विश्व चैंपियनशिप 2016 में स्वर्ण जीतने वाले नीरज ने राष्ट्रमंडल खेलों में भी इस कामयाबी को दोहराया. उन्होंने दोहा में आईएएएफ डायमंड लीग में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया.
यही नहीं पिछले चार टूर्नामेंटों में से तीन में वह स्वर्ण पदक जीत चुके हैं.
6) हिमा दास – असम के एक गांव की 20 साल की हिमा दास ने गोल्ड कोस्ट राष्ट्रमंडल खेलों में छठा स्थान हासिल किया था. वह आईएएएफ ट्रैक और फील्ड स्पर्धा में 400 मीटर में स्वर्ण जीतने वाली पहली भारतीय हैं.
7) मनु भाकर : हरियाणा की 16 वर्ष की इस स्कूली छात्रा ने पिछले साल निशानेबाजी में जबर्दस्त प्रदर्शन करके सुर्खिया बटोरी थी.
आईएसएसएफ विश्वकप में स्वर्ण पदक जीतने वाली मनु सबसे युवा भारतीय निशानेबाज बनीं. उन्‍होंने राष्ट्रमंडल खेलों में भी भारत को गोल्ड जीता था.वो 10 मीटर एयर पिस्टल में प्रबल दावेदार हैं.
8) मनिका बत्रा : टेबल टेनिस खिलाड़ी मनिका बत्रा गोल्‍ड कोस्‍ट राष्ट्रमंडल खेलों में भारत की स्‍टार रही थीं. मनिका ने इन खेलों में चार पदक जीते थे. हालांकि सुपरपावर चीन, दक्षिण कोरिया और जापान के खिलाड़ि‍यों की मौजूदगी के कारण एशियाई खेलों में मुकाबले कड़े होंगे लेकिन मनिका से पदक की उम्‍मीद तो बनती ही है.
9) शिवा थापा : मुक्‍केबाजी में पुरुषों के 60 किलो वर्ग में थापा एशियाई खेलों में पहला पदक जीतने की कोशिश में होंगे. एशियाई चैम्पियनशिप में लगातार तीन पदक जीतकर उनका आत्मविश्वास सातवें आसमान पर है.
10) दीपा करमाकर : घुटने की चोट के कारण राष्ट्रमंडल खेलों से बाहर रहीं दीपा ने तुर्की में विश्व चैलेंज कप में स्वर्ण जीतकर वापसी की. रियो ओलंपिक में चौथे स्थान पर रहीं दीपा पदक की प्रबल दावेदार हैं.