बदल दी गई है किलोग्राम की परिभाषा, जानें आम जीवन पर क्या पड़ेगा असर

Kilogram Definition Changed

Kilogram Definition Changed : मार्केट या आम जीवन पर कोई असर नई पड़ेगा

Kilogram Definition Changed : वैज्ञानिकों ने नाप तौल करने के लिए इस्तेमाल होने वाले किलोग्राम(Kg) की पुरानी परिभाषा को बदल दिया है.

पेरिस के वर्साइल्स में ‘वेट एंड मेज़र्स‘ सम्मेलन में दुनिया भर से आए वैज्ञानिकों ने आपसी सहमति से किलोग्राम की नई परिभाषा तय करी है.
बता दें कि अब तक इसे प्लैटिनम-इरिडियम के अलॉय से बने सिलिंडर से मापा जाता था. लेकिन अब इसे यांत्रिक और विद्युत चुम्बकीय ऊर्जा के आधार पर मापा जाएगा.
गौरतलब है कि अब तक 1889 मे तय़ हुए फार्मुले को ही माना जाता था.
पढ़ें  आपकी इस गलती को सुधारने में मदद करेगा फेसबुक का ये नया फीचर
आम जीवन में क्या पड़ेगा फर्क
जान लें कि माप बदलने के नए तरीके से मार्केट या आम जीवन पर कोई असर नई पड़ेगा. लेकिन, उद्योग और विज्ञान में इसका व्यावहारिक प्रयोग होने की उम्मीद है क्योंकि यहाँ सटीक माप होने की आवश्यकता होती है.
क्यों हुआ बदलाव
पुराने सिस्टम के अनुसार किलो का वजन प्लेटिनिम इरिडियम जिसमें 90 प्रतिशत प्लेटिनम और 10 प्रतिशत इरिडियम से बना एक सिलेंडर है जिसे पेरिस के पास वर्साय की ऑर्नेट बिल्डिंग की सेफ में रख गया है.
इस सेफ की चाभी सिर्फ तीन लोगों के पास और ये तीनों दुनिया के अलग अलग देशों में रहते हैं,इसकी निगरानी इंटरनेशनल ब्यूरो ऑफ वेट्स एंड मेजर्स करती है.
क्योंकि फ़िज़ीकल ऑब्ज़ेक्ट आसानी से परमाणु को खो सकते हैं या हवा से अणुओं को अवशोषित कर सकते.
पढ़ें – अब स्पेस टेक्नोलॉजी की मदद से होगी मां गंगा की सफाई
नया किलोग्राम की खासियत
वैज्ञानिकों के मुताबिक भविष्य में किलोग्राम को किब्बल या वाट बैलेंस से मापा, बता दें कि ये एक ऐसा उपकरण है जिसे यांत्रिक और विद्युत चुम्कीय ऊर्जा का उपयोग करके सटीग गणना की जा सकेगी.
इसकी सबसे बडी खासियत है कि इसे अब कभी भी बदला नहीं जा सकता है और ना ही इसे कोई नुकसान पहुंचा सकता है.
वहीं ये ना केवल फ्रांस में बल्कि दुनिया के किसी भी कोने में रहने वाले वैज्ञानिक के लिए सटीक माप उपबल्ध करवाएगा.
अगले साल 20 मई 2019 से आधिकारिक तौर पर इसे पूरी दुनिया में लागू कर दिया जाएगा.