सियाचिन में अब भारतीय सैनिकों को नहाने के लिए नहीं करना होगा 90 दिनों का इंतजार

Siachen Soldiers Bath

Siachen Soldiers Bath : वॉटरलेस बॉडी हाइजीन प्रॉडक्‍ट्स से अब सैनिक नहाने जैसा महसूस करेंगे

Siachen Soldiers Bath : सियाचिन, ये तो हम सभी जानते हैं कि ये भारत पाकितान की सीमा के बीच दुनिया का सबसे ऊंचा वॉरजोन है.

ऐसे में जायज़ है कि यहाँ तैनात हमारे जवानों को हर रोज़ ही नयी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है.
इस सबसे ऊँचे वॉरज़ोन में तापमान इतना कम होता है कि यहाँ किसी का भी खून जम जाए ऐसे में यहाँ नहाना कितना मुश्किल होगा ये आप समझ ही सकते हैं.
बताया जाता है कि यहाँ के तापमान की वजह से सैनिकों का नहाने के लिए कम से कम तीन महीने यानी की 90-90 दिनों का इंतज़ार करना पड़ता है.
लेकिन साल की शुरुआत में ही सैनिकों के लिए एक बड़ी खुशखबरी आई है कि अब सियाचिन पर तैनात जवानों को नहाने के लिए 90 दिनों तक इंतज़ार नहीं करना पड़ेगा.
एक वेबसाइट के मुताबिक सियाचिन में तैनात जवानों को अब ऐसे प्रॉडक्‍ट्स दिए जाएंगे जो पूरी तरह से वॉटरलेस (बिना पानी के) होंगे और पूरी तरह से हाइजीनिक होंगे.
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नोट: सिय‍ाचिन ग्‍लेशियर 21,700 फीट की ऊंचाई पर है. यहां, भारत और पाकिस्‍तान दोनों ने ही अपनी सेनाएं तैनात रखी हैं.
ख़बरों के मुताबिक कोलकाता स्थित ईस्‍टर्न कमांड जिस पर चीन से सटे बॉर्डर को सुरक्षित करने की जिम्‍मेदारी है, उसने इन प्रॉडक्‍ट्स को टेस्‍ट किया है.
जानकारी के लिए बता दें कि सियाचिन बॉर्डर पर हमारे 3,000 सैनिक तैनात किये गए हैं. बात यहाँ के तापमान की करें तो यहाँ तापमान -60 डिग्री से भी नीचे चला जाता है.
ऐसा माना जाता है कि रणनीतिक तौर पर सियाचिन भारत के लिए काफी अहम है और इसलिए इसकी सुरक्षा में रोजाना करीब सात करोड़ रुपए का खर्च आता है.
जानकारी: सियाचिन की लगभग 80 प्रतिशत पोस्‍ट्स 16,000 फीट से ज्‍यादा की ऊंचाई पर है और यहां की बाना पोस्‍ट 21,753 फीट की ऊंचाई पर है. यहाँ ये भी समझना ज़रूरी है कि जवानों को यहां तक पहुंचने के लिए 28 दिनों तक चलना पड़ता है. 
Siachen Soldiers Bath
सैनिकों के लिए वॉटरलेस बॉडीवॉश
बताया जाता है कि तापमान की वजह से यहाँ तैनात हर सैनिक को दोबारा नहाने के लिए कम से कम 90 दिनों का इंतज़ार करना पड़ता हैं.
लेकिन अब आ रही एक खबर के मुताबिक वॉटरलेस बॉडी हाइजीन प्रॉडक्‍ट्स के आ जाने के बाद यहाँ तैनात सैनिक कम से कम हफ्ते में दो बार नहा सकते हैं.
इस बारे में जानकारी देने वाले अधिकारियों की मानें तो करीब 20 मिलीलीटर जेल से पूरी बॉडी को वॉश किया जा सकता है.
इस वॉटरलेस बॉडी वॉश को आर्मी डिजाइन ब्‍यूरो (एडीबी) की ओर से बनाया गया है. एडीबी ने अगस्‍त 2016 में इस नायब बॉडी वॉश को बनाना शुरू किया था.
बताया जाता है कि इसकी जिम्‍मेदारी सेना और प्राइवेक्‍ट सेक्‍टर के साथ मिलकर सेना की जरूरतों को पूरा करने के लिए जरूरी रिसर्च एंड डेवलपमेंट को अंजाम देना है.
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वहीं दिल्‍ली आईआईटी ने हाइजीन प्रॉडक्‍ट्स को तैयार किया है.
अब सवाल ये भी उठता है कि आखिर सियाचिन भारत के लिए इतना महत्वपूर्ण क्यों है? तो यहाँ हम आपको बता दें कि सियाचिन भारत के लिए कश्‍मीर से भी कहीं ज्‍यादा अहमियत रखता है.
विशेषज्ञों की मानें तो सियाचिन ने साल 1984 के बाद से यहां पर कई घुसपैठ और कब्‍जे की कोशिशों को महसूस किया है.
 जब तक पीओके में आतंकी कैंप्‍स चल रहे हैं तब तक भारत सियाचिन को सिर्फ कुछ लोगों की मन की शांति के लिए कुर्बान नहीं कर सकता है.
सियाचिन पर ना ही सिर्फ पाकिस्तान की बल्कि चीन की भी नज़रें हैं. कश्‍मीर से अलग सियाचिन भारत और पाकिस्‍तान के बीच पिछले तीन दशकों से जंग का मैदान बना हुआ है.