भुखमरी खत्म करने में भारत का नहीं है कोई इंटरेस्ट, 119 देशों में 103वें स्थान पर पहुंचा

Global Hunger Index 2018
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Global Hunger Index 2018 : नेपाल और बांग्लादेश जैसे देश से भी पीछे है भारत

Global Hunger Index 2018 : दिल्ली ,मुंबई चंडीगढ़ जैसे शहरों की बड़ी बड़ी शहरों पर जब हम घूमने को निकलते हैं तो ऐसा लगता है मानो हमारा देश बहुत आगे बढ़ चुका है.

हमारी सोच हमें उस इंडिया की कल्पना कराने लगती है जहां हर कोई खुशहाल और सुसज्जित तरीके से अपना जीवन जी रहा है.
चाह कर भी हम उन सड़कों और आलीशान मॉल वाले मार्केट में ये समझ ही नहीं पाते जो हम देख रहे हैं वो पूरी देश की हकीकत है सिर्फ कुछ जगह की , आज भी करोड़ों लोग यहां दो वक्त की रोटी के लिए तरस रहे हैं.
बता दें कि हाल ही में ग्लोबल हंगर इंडेक्स 2018 जारी किया गया है जिसके अनुसार भारत में बीते सालों में भुखमरी काफी बढ़ी है.
रिपोर्ट के मुताबिक 119 देशों की सूचि में भुखमरी खत्म करने के मामले में भारत लगातार गिरते हुए अब 100वें पायदान पर पहुंच गया है,आलम यह है कि अब हम बांग्लादेश और नेपाल जेसों देशों से भी पिछड़ चुके हैं.
इंटरनेशनल फूड पॉलिसी रिसर्च इंस्टीट्यूट (आईएफपीआरआई) ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि 31.4 के साथ भारत का 2017 का वैश्विक भूख सूचकांक ऊपर उठा है और अब ये गंभीर श्रेणी में आ पहुंचा है.

Global Hunger Index 2018

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कैसे तय होता ग्लोबल हंगर इंडेक्स
ग्लोबल हंगर इंडेक्स (जीएचआई) वैश्विक, क्षेत्रीय, और राष्ट्रीय स्तर पर भुखमरी का आंकलन करता है. इसमें हर साल विभिन्न देशों के अंदर भूख से लड़ने में हुई प्रगति और इससे जुड़ी समस्याओं की गणना की जाती है.
इसमें ये देखा जाता है देश की कितनी जनसंख्या को पर्याप्त मात्रा में भोजन नहीं मिल रहा है.पांच साल के नीचे के कितने बच्चों की लंबाई और वजन उनके उम्र के हिसाब से कितना कम है. इसके अलावा इसमें शिशु मृत्यु दर को भी शामिल किया जाता है.
यही नहीं इसका काम भूख के खिलाफ जागरूकता और समझ बढ़ाने और लोगों का ध्यान इस विशेष मुद्दे पर खींचने का भी है.
मोदी सरकार बनने के बाद क्या रही रैंकिंग
बता दें कि साल 2014 मे मोदी सरकार के गठन के बाद भारत ग्लोबल हंगर इंडेक्स की सूचि में 99वें स्थान पर था. वहीं साल 2015 में थोड़े सुधार के साथ भारत 80वें स्थान पर जा पहुंचा. इसके बाद साल 2016 में 97वें और साल 2017 में 100वें पायदान पर पहुंच गया.
पड़ोसी मुल्कों से भी पिछड़ा भारत
जीएचआई की रिपोर्ट के मुताबिक भारत की हालत अपने छोटे से पड़ोसी देश नेपाल से भी कम है.रेकिंग की बात करें तो इस मामले में चीन 25वें नंबर पर है. बांग्लादेश 86वें, नेपाल 72वें, श्रीलंका 67वें और म्यामांर 68वें स्थान पर हैं.
हालांकि हम थोड़ा खुश इस बात को लेकर हो सकते हैं कि हमारा सबसे बड़ा दुश्मन पाकिस्तान भुखमरी खत्म करने में हमसे पीछे है. बता दें कि पाकिस्तान और अफगानिस्तान क्रमश: 106वें और 107वें स्थान पर हैं.
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Global Hunger Index 2018
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पिछले आकड़ों पर सवाल़
हाल ही में संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम की ‘2018 बहुआयामी वैश्विक गरीबी सूचकांक’ में ये दावा किया गया कि 2005-06 से 2015-16 के बीच 27 करोड़ लोग गरीबी रेखा से बाहर निकल गए हैं. खुद प्रधानमंत्री मोदी भी इन दावों को लेकर जनता के बीच अपना दम भरते रहते हैं .
लेकिन 2018 की हंगर इंडेक्स तो कुछ और ही असलियत बयान कर रहा है अब इसमें क्या सही है क्या गलत आप अपने आस पास के समाज के बीच रह रहे लोगों को देखकर अंदाजा लगा सकते हैं.