सैलरी ,रहना-खाना और घूमने के लिहाज से जानें कौन से है टॉप 10 देश

Top 10 Best Countries 2018
 Top 10 Best Countries 2018 : औसत कमाई के मामले में भारत भी टॉप 10 में शामिल

Top 10 Best Countries 2018 :  हर कोई आगे बढ़ना चाहता है, पैसा कमाना चाहता है. दौलत का क्रेज इस कदर लोगों के दिमाग पर हावी रहता है कि वो अपना देश,मां-बाप सब कुछ छोड़ने को तैयार होते हैं.

हैरानी की बात यह है कि विदेशों में जाकर खूब पैसे कमाने वालों की संख्या एक्का दुक्का में नहीं बल्की हजारों में है,और इसका एक बड़ा कारण भी भी है आइए जानते हैं…
दरअसल हाल ही में ब्लूमबर्ग के एक सर्वे में यह साबित हुआ है कि नौकरी के लिए विदेश जाने का क्रेज इसलिए बढ़ रहा है क्योंकि विदेशों में पैसे और प्रमोशन जल्दी मिल जाता है.

क्या कहते हैं सर्वे के आंकड़ें

 सर्वे के मुताबिक सिंगापुर, स्विटजरलैंड, अमेरिका और हॉन्ग कॉन्ग जैसे देशों में काम करने वाले विदेशी कर्मचारी की सैलरी सालाना  21,000 डॉलर यानि 15,62,085 रुपये तक बढ़ती है.
बता दें कि ये आंकडें विदेशों में मौजूदा काम करने वाले 45 प्रतिशत लोगों के हैं. यही नहीं 28 प्रतिशत लोग ऐसे हैं जिन्होंने प्रमोशन और तरक्की के लिए विदेश का रुख किया.
सर्वे के मुताबिक स्विटजरलैंड में काम करने वाले विदेशी कर्मचारियों की औसत सालाना सैलरी 61,000 डॉलर तक बढ़ती है.
पढ़ें – दुनिया भर में सबसे ताकतवर है जापान का पासपोर्ट, जानें भारत का हाल

अधिक औसत सैलरी वाले टॉप 10 देश

विदेशी कर्मचारियों के लिए सबसे ज्यादा सैलरी वाले देशों में स्विटजरलैंड टॉप पर है, यहां औसतन सालाना सैलरी 2.03 लाख डॉलर (करीब डेढ़ करोड़ रुपये).
. स्विटजरलैंड के बाद दूसरे नंबर पर अमेरिका(1.85 लाख डॉलर), तीसरे पर हॉन्ग कॉन्ग (1.78 लाख डॉलर), चौथे पर चीन (1.72 लाख डॉलर), पांचवें पर सिंगापुर (1.62 लाख डॉलर), छठे पर यूएई (1.55 लाख डॉलर), सातवें पर भारत (1.31 लाख डॉलर), आठवें पर इंडोनेशिया (1.28 लाख डॉलर), नौवें पर जापान (1.27 लाख डॉलर) और दसवें नंबर पर ऑस्ट्रेलिया (1.26 लाख डॉलर) हैं.
Top 10 Best Countries 2018
demo pic

रहने के लिए  टॉप देश

वहीं अगर रहने के लिए सबसे अच्छे देशों की बात की जाए तो एचएसबीसी के ऐनुअल एक्सैपट एक्सप्लोरर की लिस्ट के मुताबिक सिंगापुर टॉप पर है.
इसके बाद न्यू जीलैंड दूसरे, जर्मनी तीसरे, कनाडा चौथे, बहरीन पांचवें, ऑस्ट्रेलिया छठे, स्वीडन सातवें, स्विटजरलैंड आठवें, ताइवान नौवें और यूएई दसवें नंबर पर है.

घूमने के लिहाज से सबसे हैल्थी देश

घूमने के शौकीन लोगों के लिए आयरलैंड को सबसे स्वच्छ देशों में पहला स्थान मिला है,
वहीं फिनलैंड दूसरे पर, स्विटजरलैंड तीसरे पर, नीदरलैंड चौथा, न्यूजीलैंड पांचवा, स्वीडन छठवा, यूनाइटेड किंगडम सातवां, नॉरवे आठवा, डेनमार्क नवा, और बेल्जियम दसवें पर है.

महिलाओं के लिए विदेशों में लाभ

बता दें भारत की तरह ही अन्य देशों में भी महिलाओं को आगे बढ़ाया जा रहा है और इसके लिए कदम उठाए जा रहे हैं.
इस सर्वे में विदेश जाने वाली महिलाओं को भी रखा गया जिसमें उनका पुरुषों के मुकाबले कम आर्थिक लाभ के आंकड़े सामने आये.
इस सर्वे के मुताबिक विदेश जाने वाली महिलाओं की सैलरी पुरूषों की तुलना में 27 प्रतिशत बढ़ती है, जबकि पुरुषों की सैलरी बढ़ने का आंकड़ा 47 प्रतिशत है.
यही नहीं दुनिया में कुछ ऐसे भी देश हैं जहां लोग खेती के जरिए भी आर्थिक लाभ लेते हैं. अन्न और खाद्द पदार्थ की पैदावर में कमाई के लिए भारत के साथ तीन और देशों को गिना जाता है. जिनमें अमेरिका, चीन और ब्राजील शामिल हैं.
पढ़ें – पिछले 20 सालों के मुकाबले भारत में इस समय बेरोजगारी दर सबसे ज्यादा – रिपोर्ट
बता दें कि आर्थिक तौर पर सर्वे के मुताबिक सामने आए कई तरह के विदेशी लाभों की तुलना में भारत भी पीछे नहीं है.
लेकिन जहां तक देखा जाए तो भारत रोजगार के मामले में पिछड़ता जा रहा है और कई लोग अच्छे रोजगार और जीवन यापन के लिए विदेशों का रुख कर रहे हैं जो देश के लिए लाभदायक साबित न होते हुए नुकसानदेह हो सकता है.
स्पष्टतया कहा जाए तो प्रतिभा पलायन किसी भी देश के लिए फायदेमंद नहीं बल्कि नुकसानदायक ही साबित होती है.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here