महिलाओं में आम होता जा रहा है सिस्टाइटिस , जानें इसके लक्षण और बचाव

Women Facing Cystitis Problem
demo pic

Women Facing Cystitis Problem : पेशाब में जलन और वैजाइना में दर्द इस रोग के हैं आम लक्षण 

Women Facing Cystitis Problem : महिलाओं के अंदर पेशाब के दौरान होने वाली जलन की शिकायतें आम रहती हैं, मूत्राशय में होने वाले इस इंफेक्शन को डॉक्टरी भाषा में सिस्टाइटिस कहा जाता है.

वैसे तो यह रोग पुरुषों को भी प्रभावित करता है लेकिन इसका गहरा और खतरनाक प्रभाव महिलाओं में ही देखने को मिलता है.
आमतौर पर यह रोग महिलाओं में प्रेग्नेंसी और डिलीवरी के दौरान देखने को ज्यादा मिलता है,जो कभी कभी पूरी जिंदगी के लिए एक परेशानी बन जाती है और रह रहकर उभर जाती है.
पढ़ें – जानें हृदय के लिए क्यों जरूरी है ECG जांच, कब और कैसे करवाएं यह टेस्ट
क्या हैं लक्षण
1. पेशाब के दौरान दर्द
2. वैजाइना में दर्द या जलन
3. बार-बार पेशाब आना
4. पेशाब से बदबू आना
5. पेट एवं कमर से निचले हिस्से में दर्द और सूजन
6. हल्का बुखार आना
7. कभी कभी पेशाब के साथ खून आना
8. यूरिन डिस्चार्ज करने में अधिक समय लगना

Women Facing Cystitis Problem

कैसे करें बचाव 
हमेशा स्वच्छ शौचालय का प्रयोग करना चाहिए, साथ ही लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए.
बता दें कि यह एक संक्रामक रोग है, इसलिए शारीरिक संबंध बनाते समय भी सुरक्षा का ध्यान रखना बेहद जरुरी है.
सिस्टाइटिस रोग में पीड़ित को डिहाइड्रेशन की समस्या भी हो सकती है, ऐसे में पानी अधिक मात्रा में पीना चाहिए.
पढ़ें – भारत में तेजी से बढ़ रहे हैं हृदय रोग के मरीज, कैंसर और मधुमेह भी बना घातक
क्या है इलाज
मूत्र संक्रमण से होने वाले इस रोग का इलाज संभव है, इसके लिए यूरेथ्रोप्लास्जी सर्जरी होती है, जिसके जरिये मूत्र-नलिका का निर्माण गाल एवं होंठ के अंदर के ऊतक (म्यूकोजा) से किया जाता है.
बता दें कि यह सर्जरी से किडनी फेल होने से भी बचाया जा सकता है. इस रोग के लक्षणों को पहचाने के लिए यूरोलॉजिस्ट यूरीन कल्चर का टेस्ट लोग करवाते हैं.
बचाव के लिए अपनाए ये तरीके
इस रोग से बचने के लिये खूब पानी पीएं और हर एक घंटे में पेशाब करने के लिए जाएं ताकि संक्रमण फैलाने वाले कीटाणुओं से बचाव हो सकें.
दरअसल कुछ स्थितियों में पेशाब को रोक कर रखने से संक्रमण मूत्राशय से ऊपर गुर्दों में पहुंचकर इनको प्रभावित करता है.
इस रोग के लिए घरेलू उपाए में अरारोट पाउडर का इस्तेमाल करने से राहत मिल सकती है. अरारोट एक डेम्यूल्सेंट है जो यूरीनरी ट्रैक्ट (यूटीआई) में आरामदायक होता है, इसलिए इंफेक्शन के दौरान इससे दर्द में राहत मिलती है.
इसके साथ ही सिस्टाइटिस के लक्षणों से उबरने के लिए गर्म पानी के बैग या बोतल से पेट के निचले हिस्से की सिंकाई करना भी लाभकारी होता है.
बता दें कि गर्माहट से पेट के निचले हिस्से का रक्तसंचार बेहतर होता है और जलन और दर्द में कमी आती है.
एक रिपोर्ट के आंकड़ों के मुताबिक भारत में इस रोग से तकरीबन 30 प्रतिशत महिलाएं पीड़ित हैं.
खानपान और लापरवाही से इंसान हर नए दिन बीमारियों का शिकार होता जा रहा है, ऐसे में यदि पेशाब नली में संक्रमण की समस्‍या महसूस होती है तो इसे नजरअंदाज करना आपके के साथ साथ परिजनों के लिए जानलेवा भी साबित हो सकता है.
डॉक्टर्स का भी मानना है कि इस रोग के संक्रमण का भयानक रुप से किडनी तक फेल हो सकती है.