भारत में उच्च शिक्षण के खराब प्रदर्शन से घटी विश्वविद्यालयों की रैंकिंग

आईआईटी खड़गपुर
आईआईटी खड़गपुर
एक तरफ जहां दुनिया के तमाम शिक्षण संस्थान नए-नए प्रयोग कर अपनी शिक्षा की गुणवत्ता को सुधारने में लगे हैं. वहीं हमारे देश के विश्वविद्यालयों का प्रदर्शन और खराब होता जा रहा है.
यहां तक कि भारतीय विश्वविद्यालयों का आलम यह हो चुका है कि वो विश्व की टॉप 250 संस्थानों में भी जगह बनाने में सफल नहीं हो पाए हैं.
गौरतलब है कि यह रैंकिंग टाइम्स हायर एजुकेशन वर्ल्ड यूनिवर्सिटी ने विश्व के एक हजार विश्वविद्यालयों की गुणवत्ता के आकलन के आधार पर बनाई है
आपको बता दें कि भारत में उच्च शिक्षा देने वाले इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस जिसकी पिछले साल की रैंकिंग 201 थी वो अब 250 पर पहुंच चुकी है. आईआईटी दिल्ली,कानपुर और मद्रास, खड्गपुर, रुड़की भी जो पहले 401-500 की रैंकिंग में हुआ करता था वो अब 501 से 600 पर आ चुके हैं.
वहीं आईआईटी बांबे की रैंकिंग 351-400 के बीच हो गई है और बीएचयू तो 601 के स्थान से लुढ़कर 800 पर पहुंच गया है
रैंकिंग गिरने की वजह
रिपोर्ट के अनुसार इसकी मुख्य वजह भारत में विदेशी छात्रों की सीट्स को सीमित रखना है.
इसके अलावा फैकल्टी की स्थिति सुधारने के लिए विदेशी शिक्षकों की भर्ती में भी काफी ढील हो रही है. जिस वजह से संस्थान अंतरराष्ट्रीयकरण के पैमाने पर उतर नहीं पा रहे हैं और इनकी रैंकिंग का स्तर लगातार नीचे गिरता जा रहा है.
विदेश के संस्थानों ने किया अच्छा प्रदर्शन
टाइम्स ग्लोबल रैकिंग्स के संपादकीय निदेशक फिल बैटी ने कहा कि चीन, हांगकांग और सिंगापुर जैसे देशों ने अपने यूनिवर्सिटी संस्थानों पर भारी निवेश किया, जिसका असर उनकी रैंकिंग में साफ दिख रहा है.
उन्होंने कहा कि पीकिंग यूनिवर्सिटी 29 से 27वें और सिंघुआ यूनिवर्सिटी 35 से 30वें स्थान पर पहुंच गई है.
हालांकि फिल बैटी ने कहा कि भारत के लिए संतोषजनक बात यह है कि शोध आय और गुणवत्ता के पैमाने पर भारतीय संस्थानों में सुधार पाया गया है. जिसका असर शायद आने वाले वर्षों में दिख सकता है.
टॉप टेन संस्थान
ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी (ब्रिटेन)
कैंब्रिज यूनिवर्सिटी (ब्रिटेन)
कैलीफोर्निया विवि (अमेरिका)
स्टैनफोर्ड विवि(अमेरिका)
मैसाच्युसेट्स विवि(अमेरिका)
हार्वर्ड यूनिवर्सिटी (अमेरिका)
प्रिंसटन यूनिवर्सिटी (अमेरिका)
इंपीरियल कॉलेज (लंदन)
शिकागो यूनिवर्सिटी (अमेरिका)
स्विस फेडरल यूनिवर्सिटी(स्विट्जरलैंड