कर्नाटक में बना देश का पहला “रेलवे आपदा प्रबंधन गांव”, जानें क्या है ये

India's First Railway Disaster Management Village
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India’s First Railway Disaster Management Village : रेल दुर्घटाओं से निपटने के लिए कर्मचारियों को किया जाएगा प्रशिक्षित 

India’s First Railway Disaster Management Village : साल दर साल बढ़ते ट्रेन हादसों से निपटने के लिए रेल विभाग के एक जोन में अति सराहनीय नया कदम उठाया गया है.

दरअसल रेलवे ने आने वाले समय में किसी भी दुर्घटना में राहत बचाव काम करने के लिए अपने स्टाफ के प्रशिक्षण हेतु एक गांव में देश का पहला ट्रेनिंग सेंटर खोला है.

इसके पीछे विभाग की ऐसी उम्मीद जताई जा रही है कि यहां ट्रेनिंग पाकर रेलवे के कर्मचारी दुर्लभ परिस्थियों के वक्त किसी भी स्थिती को संभालने के लायक बनेंगे.

बता दें कि कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु से 25 किमी दूर हेजजाला गांव में भारतीय रेलवे का पहला आपदा प्रबंधन गांव बनने के करीब है.
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गांव की 3.32 वर्गमीटर प्लॉट पर ट्रेनिंग दिए जाने के उद्देश्य से तैयार किए जा रहे इस प्रोजेक्ट में लगभग 44.42 करोड़ रुपये की राशि खर्च होने का अनुमान है.
गौरतलब है कि यह पहली बार है जब रेलवे देश में दुर्घटनाओं को कम करने के लिए ऐसे गांव की स्थापना कर रही है.
साउथ वेस्टर्न रेलवे के चीफ पब्लिक रिलेशन ऑफिसर ई.विजया ने जानकारी दी की ये प्रशिक्षण केंद्र सितंबर के अंत तक तैयार हो जाएगा.
उन्होंने बताया कि यहां रेलवे कर्मचारियों को आपातकालीन परिस्थितियों को संभालने के लिए प्रशिक्षित किया जाएगा. सितंबर में प्रशिक्षण के लिए इसका पहला बैच शुरू होगा जिसे धीरे-धीरे और बढ़ाया जाएगा.
TOI से बातचीत में ई.विजया ने कहा कि ऐसे केंद्र रेलवे के नए कर्मचारियों को ट्रेनों के टकराव और पुलों के पतन जैसी त्रासदियों के दौरान स्थिति को संभालने में प्रशिक्षित करेंगे,
कक्षाओं के साथ-साथ उन्हें स्टाफ को प्रेकटिकल ट्रेनिंग भी दी जाएगी जिसके लिए वास्ताविक वातावरण तैयार किया जाएगा.
इसके अलावा अंडरवाटर बचाव और राहत कार्यों की ट्रेनिंग के लिए परिसर में जल निकाय को भी विकसित किया जाएगा.
यही नहीं इस गांव में रेल दुर्घटनाओं के होने का असल कारण के पता लगाने के लिए एक वास्तविक केंद्र भी स्थापित किया जाएगा.
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गौरतलब है कि हमारे देश में हर साल हजारों लोगों की जान ट्रेन हादसों में होती है, वहीं इन हादसों में सही समय पर राहत बचाव कार्यों में कर्मचारियों की अकुशलता भी लोगों की होने वाली मौत की संख्या बढ़ा देती है.
ऐसे में कर्नाटक के हेजजाला में इस तरह का एक गांव तैयार करना अपने आप में रेलवे का एक अच्छा कदम है और बाकि के रेल मंडलो के लिए प्रेरणादयक भी.