आलू की खेती में शराब मिलाकर बंपर मुनाफा कमा रहे हैं किसान

Liquor In Potato Farming

Liquor In Potato Farming : बुलंदशहर जिले के किसान शराब की मदद से अपनी आलू की खेती कर रहे हैं 

Liquor In Potato Farming : शराब के सेवन को शायद ही कोई सभ्य समाज अच्छा मानता हो, ऐसा कहा जाता है कि इसे पीना का मतलब शरीर में कई प्रकार की बीमारियों को दावत देने जैसा है.

लेकिन एक ऐसी चीज है जिसके लिए ये शराब अमृत का काम कर रही है, सबसे खास बात कि ये हम सबकी फेवरेट भी है
बता दें कि उस चीज का नाम है आलू(Potato), जी हां शराब आलू की खेती के लिए काफी फायदेमंद साबित हो रही है हो सकता है आपको हमारी ये बात मजाक लगे लेकिन ये हकीकत है.
पढ़ें इस घास की खेती कर हमारे किसान भाई हो सकेंगे मालामाल
उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जिले के किसान शराब की मदद से अपनी आलू की खेती कर रहे हैं और बड़ा मुनाफा भी कमा रहे.
न्यूज एजेंसी ANI  की एक रिपोर्ट के अनुसार वेस्टर्न यूपी में आलू की खेती बड़े पैमाने पर की जाती है और इन दिनों आलू को किसानों ने खेतों में बोया भी हुआ है.
पिछले कुछ सालों से यहां के किसान अपनी आलू की अधिक पैदावार व मोटा करने के लिए देशी शराब का अनोखा छिड़काव कर रहे हैं.
किसानों की माने तो ठंड के मौसम में आलू को बोया जाता है और इस फसल में देशी शराब का छिड़काव करने से आलू की पैदावार तो अधिक होती ही है साथ ही आलू बड़ा और मोटा भी हो जाता है जिससे उन्हें अधिक मुनाफा होता है.
गांव जमालपुर के एक किसान मांगेराम ने बातचीत में कहा कि, यह काम वो पिछले कई साल से करते चले आ रहे हैं और इससे उनको काफी फायदा भी हुआ है .
पढ़ें – अपने किसान भाइयों को जहरीले कीटनाशकों से बचा सकती है ये क्रीम
आलू को खाने से होने वाले नुकसान पर किसान ने कहा कि, हम इतनी कम मात्रा में शराब छिड़कते हैं जिससे आलू को खाने से कोई फर्क नहीं पड़ता.
यह काम तो केवल ज्यादा पैदावार करने के लिए किया जाता है. उन्होंने ये भी बताया की इस गांव का लगभग हर किसान आलू की फसल में कीटनाशक दवा के साथ साथ शराब का स्प्रे करता है.
हालांकि वैज्ञानिकों ने इस नए तरीके में असहमति जताई है. उनका मानना है कि किसान अज्ञानतावश फसल में शराब का छिड़काव कर रहे हैं.
इससे खेत की उर्वरा शक्ति खत्म होती जाएगी. इसके अलावा इसे खाने वाले भी बीमार पड़ सकते हैं.
वैज्ञानिकों ने कहा कि जाड़े से आलू को बचाने के लिए इसके विपरित किसान मैटलएग्जिव, रिडोमिल का स्प्रे व सल्फर का प्रयोग करें.