गन्ना किसानों के लिए मोदी सरकार ने मंजूर किए 8000 करोड़, हमदर्दी या चुनावी रणनीति ?

Sugarcane Farmers Special Package
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Sugarcane Farmers Special Package : चीनी मिलों पर किसानों का कुल 22000 करोड़ रुपए बकाया

Sugarcane Farmers Special Package : किसानों के अंदर सरकार के प्रति फैले रोष को कम करने के लिए मोदी सरकार ने एक नया फैसला लिया है.

आज हुई मोदी कैबिनेट की बैठक में गन्ना किसानों को रोहत देने के लिए 8000 करोड़ के विशेष पैकेज का ऐलान किया गया है.
इस पैकेज में नई इथेनॉल प्रोडक्शन कैपेसिटी के निर्माण के लिए 4500 करोड़ और इसके ब्याज पर 1300 करोड़ की सब्सिडी देना का प्रावधान किया गया है.
इसके अलावा इस पैकेज में चीनी मिलों को गन्ना किसानों का बकाया भुगतान चुकाने के लिए 1540 करोड़ रुपए और चीनी का 30 लाख टन का बफर स्टॉक बनाने के लिए 1200 करोड़ रुपए की राशि निर्धारित करी है.
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किसानों को कम पैसों में बांटे जाएंगे सोलर पंप
सिंचाई के लिए किसानों को अब 60 फीसदी की सब्सिडी के साथ सोलर पंप देने की घोषणा सरकार ने करी है.
प्राप्त रिपोर्ट्स के मुताबिक जुलाई से यह सोलर पंप किसानों को वितरण किए जाने शुरू हो जाएंगे.
बता दें कि इस पंप को खरीदने के लिए किसान को सिर्फ मूल्य का 40 प्रतिशत ही देना पडेगा जबकि बाकि 30-30 प्रतिशत राज्य और केंद्र सरकार वहन करेगी.
वहीं इस 40 प्रतिशत की राशि देने के लिए भी किसान बैंक से लोन ले सकते हैं.
चीनी मिलों को कितनी राहत
दरअसल हमारे देश की चीनी मिलों पर किसानों का कुल 22000 करोड़ रुपए बकाया है, वहीं इस साल रिकार्ड चीनी उत्पादन से गन्ने के दाम 26 रुपये किलो से 28 रुपये तक हो गए हैं.
ऐसे में पहले से ही करोड़ों के कर्ज का बोझ झेल रही चीनी मिलों पर नया संकट आ गया है.
समाचार चैनल एनडीटीवी से बातचीत में किसान नेता चौधरी पुष्पेंद्रपाल सिंह ने कहा कि इन्हें भुगतान करना है कुल 22 हज़ार करोड़ का और पैकेज दिया है 8000 करोड़ का इतने से तो आधा भुगतान भी नहीं होगा.
बता दें कि गन्ने का गढ़ कहे जाने वाले उत्तर प्रदेश में ही अकेले गन्ना किसानों का 13,000 करोड़ रुपए से ज्यादा का बकाया है.
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किसानों से हमदर्दी या चुनावी रणनीति
गौरतलब है कि हाल में हुए नुरपूर और कैरान उपचुनावों में भाजपा की हार से सरकार यो तो समझ गई है कि किसानों के अंदर उसे लेकर रोष बढ़ता जा रहा है.
बता दें कि ये दोनों ही इलाके गन्ने की उपज के लिए जाने जाते हैं और यहां की ज्यादा आबादी गन्ने की खेती ही करती है.
ऐसे में सभी गन्ना किसानों को एक साथ भाजपा की तरफ आकर्षित करने के लिए सरकार ने इसे पैकेज को मंजूर किया है.
यही नहीं सरकार ना सिर्फ गन्ना किसान बल्कि अन्य और किसानों के लिए जल्द ही कई फैसले ले सकती हैं ताकि 2014 की ही तरह 2019 में भी बीजेपी को ये जीता सकें.