उत्तर प्रदेश में ‘प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना’ जल्द ही लागू -कृषि मंत्री

किसान
demo pic
उत्तर प्रदेश सरकार फसल रिण मोचन योजना के लाभार्थी किसानों के आधार संख्या को योजना से जोड़ने जा रही है. इस योजना का लाभ हर योग्य किसान तक पहुंचे इस मकसद से उप्र सरकार ने ये फैसला लिया है.
प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि “पात्र एवं सही लाभार्थी को योजना का लाभ मिले इसलिए किसानों का आधार नंबर योजना से जोड़ा जा रहा है”. उन्होंने कहा कि अब तक आधार नंबर वाले 42 प्रतिशत लाभाथर्यिों को योजना से जोड़ा जा चुका है. और जिनका किसी कारण वश अब तक आधार कार्ड नहीं बन पाया है.उनके कार्ड बनवाने के लिए सरकार प्रयास कर रही है.
श्री शाही ने कहा कि सरकार ने इस दिशा में तेजी से काम किया है.ताकि इस योजना का लाभ जल्द से जल्द किसानों तक पहुंच सके.इसके अलावा उन्होंने जानकारी दी कि जल्द ही अपने प्रदेश में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना लागू कर दी जाएगी. इस योजना के अतर्गत किसान के लिए न्यूनतम प्रीमियम पर अधिकतम बीमा सुनिश्चित किया गया है.
क्या है प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना ?
योजना के अन्तर्गत किसानों को बीमा कम्पनियों द्वारा निश्चित, खरीफ की फसल के लिए 2 प्रतिशत प्रीमियम और रबी की फसल के लिए 1.5 प्रतिशत प्रीमियम का भुगतान करना होगा.
किसानों द्वारा भुगतान किये जाने वाले प्रीमियम की दरें बहुत ही कम हैं. और बचा हुआ प्रीमियम का भुगतान सरकार द्वारा किया जाएगा. ताकि किसी भी प्रकार की प्राकृतिक आपदाओं में फसल हानि के लिए किसानों को पूर्ण बीमित राशि प्रदान की जाए.
सरकारी सब्सिडी पर कोई ऊपरी सीमा नहीं है. भले ही शेष प्रीमियम 90% हो, यह सरकार द्वारा वहन किया जाएगा.
बीमा योजना को एक मात्र बीमा कंपनी, भारतीय कृषि बीमा कंपनी (एआईसी) द्वारा नियंत्रित किया जाएगा.
दावा भुगतान में होने वाली देरी को कम करने के लिए फसल काटने के डेटा को एकत्रित एवं अपलोड करने हेतु स्मार्ट फोन, रिमोट सेंसिंग ड्रोन और जीपीएस तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा.