एप्पल के सीईओ टिम कुक ने नफरती हिंसा के खिलाफ लड़ने के लिए दिया 20 लाख डॉलर का दान

दुनिया में आईफोन बनाने वाली मशहूर कंपनी एप्पल ने मानवाधिकार संगठनों को 20 लाख अमेरिकी डॉलर दान देने की घोषणा की है. यह दान एप्पल के सीईओ टिम कुक नफरत के खिलाफ लड़ रहे मानवाधिकार संगठनों की कोशिशों को मजबूती प्रदान करने के लिए दे रहे हैं.
समाचार एजेंसी एसोशिएट प्रेस को मिले ज्ञापन के अनुसार टिम कुक के द्वारा दिया जा रहा ये दान उनकी प्रतिज्ञा का हिस्सा है. जिसे उन्होंने पिछले हफ्ते हुए वर्जीनिया में श्वेत राष्ट्रवादियों की रैली के दौरान हिंसा भड़कने के बाद लिया था.
ज्ञापन में कुक ने अपने कर्मचारियों को बताया कि वह राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के श्वेत राष्ट्रवादियों और उनका विरोध करने वाले लोगों के बीच तुलना करने वाले प्रयासों से पूरी तरह असहमत हैं.
कुक का मानना है कि दोनों के बीच तुलना करना मेरे लिए एक अमेरिकी होने के तौर पर मेरे आदर्शों के विपरीत हैं. इस बयान के बाद से वह शार्लोट्सविले में हुई हिंसा पर ट्रंप की टिप्पणी से खुद को अलग करने वाले पहले सीईओ बन गए हैं.
इस मामले के बाद से एप्पल ने सदर्न पॉवर्टी लॉ सेंटर और एंटी-डेफमेशन लीग को क्रमश: दस-दस लाख अमेरिकी डॉलर दान देने का फैसला किया है.
इसी बीच अमेरिकन एयरलाइन्स के प्रवक्ता मैट मिलर ने भी जानकारी दी की उनकी एयरलाइन्स कंपनी भी ग्रेटर शार्लोट्सविले के हैबिटेट फॉर ह्यूमैनिटी संगठन को 1,50,000 अमेरिकी डॉलर दान में देगा.
क्या हुआ था वर्जीनिया में
वर्जीनिया के चेरलोट्टेसविल्ले में श्वेत श्रेष्ठतावादी समूह की रैली के दौरान एक कार ने भीड़ को टक्कर मार दी थी. जिसके बाद उस शख्स की मौत हो गई.
इस हिंसा को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बयान जारी कर इस घटना की निंदा करते हुए दोनों पक्षों को जिम्मेदार ठहराया. ट्रंप के इस बयान को लेकर अमेरिका में कड़ी निंदा की गई. अमेरिकी लोग जहां इसे मानवाधिकार पर हमला मान रहे हैं. वहीं ट्रंप ने इस हिंसा में दोनों पक्षों को जिम्मेदार बताया.
यहीं नहीं ट्रंप के इस बयान को लेकर ब्रिटेन की पीएम थेरेसा ने भी अपनी कड़ी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि उन लोगों के बीच कोई तुलना नहीं है जो फासीवादी विचारों का प्रचार करते हैं और उनका विरोध करते हैं.

भाषा के इनपुट से