ऑस्ट्रेलिया में बाल यौन शोषण के 60 हजार पीड़ितों को मिलेगा 76 लाख तक का मुआवजा

Australia Child Abuse Scheme
PC - e pio

Australia Child Abuse Scheme : 5 साल की जांच के बाद गठित आयोग ने इस संदर्भ में फैसला सुनाया  

Australia Child Abuse Scheme : ऑस्ट्रेलिया ने अपने यहां विभिन्न संस्थानों में हुए बाल यौन शोषण के पीडितों की मदद के लिए अनोखी पहल की शुरूआत की है, जो शायद पूरी दुनिया के लिए बेहतर उदाहरण साबित होगी.

दरअसल ऑस्ट्रेलिआई सरकार ने बाल यौन शोषण के पीड़ितों की मदद के लिए एक मुआवजा योजना की शुरूआत की है.
इसके तहत वहां बचपन में किसी यौन शोषण के शिकार लोगों के लिए करीब 20,268 करोड़ रुपए की मुआवजा राशि आवंटित की गई है
आस्ट्रेलियाई अधिकारियों का मानना है कि वो इसकी मदद से उन लोगों की जिंदगी में बदलाव लाना चाहते हैं जिन्होंने अपने बचपन में जिंदगी का सबसे गंदा अनुभव किया है.
पढ़ें – आंध प्रदेश के युवाओं को हर महीने मिलेगा 1000 रुपए का बेरोगारी भत्ता
सोमवार को मीडिया रिपोर्ट से मिली जानकारी के मुताबिक करीब 60 हज़ार ऑस्ट्रेलियाई बच्चे मुआवजे के योग्य पाए गए हैं.
बता दें कि इस योजना को राष्ट्रीय मुआवजा योजना(National Redress Scheme) का नाम दिया गया है जिसे लेकर ऐसी उम्मीद जताई जा रही है कि इससे पीड़तों का दर्द कुछ कम होगा.
गौरतलब है कि ऑस्ट्रेलिया में बाल शोषण सालों से एक बड़ी समस्या बनी हुई है जिसे लेकर सरकार ने अब जाकर गंभीरता दिखाई है.
हालांकि संस्थानों में दशकों से हो रहे बाल शोषण में पांच साल पहले ही एक जांच आयोग गठित कर दी गई थी जिसने धार्मिक संस्थानों, स्कूलों, चैरिटी, स्पोर्ट्स क्लब और सेना में पीड़ित और उनके साथ हुए दुर्व्यवहारों को लेकर पांच साल तक जांच की थी.
अब जब आयोग ने अपनी रिपोर्ट सौंपी है तो लगभग सभी सिफारिशों को ऑस्ट्रेलियाई सरकार ने स्वीकार कर लिया है.यही नहीं कैथोलिक चर्च समेत कई राज्य सरकारें और धार्मिक समूह इस योजना से जुड़ गए हैं
बता दें कि इस योजना के तहत जो भी पीड़ित मुआवजे के लिए आवेदन करेंगे, वे फिर इस मामले में मुकदमा दायर नहीं कर सकेंगे.
ऑस्ट्रेलिया के समाज कल्याण मंत्री डैन तेहान ने एक बयान जारी कर कहा कि हम दुर्व्यवहार के पीड़ित उन 60 हज़ार लोगों के साथ हैं जो उन विश्वसनीय संस्थानों में थे जहां उन्हें महफ़ूज़ रखा जाना चाहिए था.
उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत पीड़ितों को अधिकतम 76 लाख रुपये (1.5 लाख डॉलर) का मुआवजा दिया जाएगा जबकि औसतन मुआवजे की राशि करीब 34 लाख रुपये (67,000 डॉलर) होगी.
पढ़ें – India’s First Transgender Lawyer : तमिलनाडु की सत्यश्री शर्मिला बनीं देश की पहली ट्रांसजेडर वकील
वहीं ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री मैल्कम टर्नबुल ने कहा कि हमें सामने आई इस सच्चाई का सामना करना ही पड़ेगा जो बेहद मुश्किल है. उन्होंने कहा कि यह योजना उनकी पीड़ा कम करने की प्रक्रिया का एक हिस्सा है.
इसके अलावा ऑस्ट्रेलिआई पीएम ने यह भी कहा कि वो 22 अक्तूबर को संस्थानों में हुए दुर्व्यवहार के पीड़ितों से औपचारिक माफ़ी मांगेंगे.