पाकिस्तान की खस्ता होती आर्थिक स्थिति, अमेरिका के बाद अब चीन के पैसों का हुआ मोहताज

Pakistan 71st Independence Day

Pakistan Financial Crises : पाकिस्तान का विदेशी मुद्रा भंडार एक साल में 6 बिलियन डॉलर घटा

Pakistan Financial Crises : भारत को हर वक्त ऐंठ दिखाने वाले पाकिस्तान इस समय अपनी खराब आर्थिक हालात से जूझ रहा है.

पिछले 1 साल के अंदर ही उसके विदेशी मुद्रा भंडार में भारी कमी देखने को मिली है, 2017 में जहां पाक की विदेशी मुद्रा भंडार 16.4 बिलियन डॉलर थे तो वहीं अब यह महज 10.3 बिलियन डॉलर रह गए हैं.
वहीं वर्ल्ड बैंक भी पाकिस्तान को अब कर्ज देने से बचता दिख रहा है क्योंकी पाक ने अभी तक अपने पहले का लिया हुआ कर्ज नहीं चुका पाया है.
पाक के लिए हुए कर्ज से अब वर्ल्ड बैंक इस कदर परेशान हो गया है कि उसने उसकी कुछ गिरवी रखे जगहों को निलाम करने की भी तैयारी कर ली है.
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चीन ने दिखाई दरियादली
आर्थिक संकट से जूझ रहे पाक ने ऐसे समय में अपने पुराने दोस्त चीन को याद किया है.
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार चीन ने पाकिस्तान को दिये 50 करोड़ डॉलर कर्ज की शर्तों में छूट देने पर एक बार फिर सहमति जताई है. जिसके बाद पाकिस्तान को चीन की तरफ से मिला पैसे की समय सीमा 1 साल की अवधि तक और बढ़ गई है.
पाकिस्तान के अखबार दी एक्सप्रेस ट्रिब्यून की रिपोर्ट के अनुसार यह अवधि उसी पैसों पर बढ़ाई गई है जिसे पीपुल्स बैंक ऑफ चाइना ने स्टेट बैंक ऑफ पाकिस्तान के पास जून 2012 में 50 करोड़ डालर जमा किये थे.
हालांकि पाक इस लोन की राशि को इस्तेमाल नहीं कर सकता क्योंकी उसे यह रकम महज विदेशी मुद्रा बढाने के लिए
दे रखी गई है. लेकिन पाकिस्तान पहले ही चीन से अपने चालू वित्त वर्ष में 2.20 अरब डॉलर का व्यावसायिक कर्ज ले चुका है.
अमेरिका ने पाक से किया किनारा
पाक और अमेरिका की दोस्ती अरसे से काफी गहरी रही माना जाती थी लेकिन कुछ दिनों से इस दोस्ती में दरार आ गई है.
दरअसल, अमेरिका आतंकवाद के मसले पर काफी सीरियस है मगर पाक अपनी आतंक को बढ़ावा देने वाली आदत से बाज ही नहीं आ पा रहा. इसी वजह से पाक से अमेरिका के रिश्ते खराब होते जा रहे हैं.
अमेरिका ने आतंवाद को लेकर कई बार पाकिस्तान को चेतावनी भी दे चुका है लेकिन फिर भी वो सुधरने का नाम ही नहीं ले रहा.
इससे गुस्सा हो कर अमेरिका ने पाक को दी जाने वाली आर्थिक मदद में भारी कटौती कर दी है और तो और उसे ग्लोबल टेरर फंडिंग की लिस्ट में भी डाल दिया है जिससे पाक की मुसीबत और भी बढ़ गई है.
वहीं फ्रेजाइल स्टेट्स इंडेक्स 2017 की रिपोर्ट में पाकिस्तान को 20 असफल देशों की लिस्ट में रखा गया है और उसे कई कड़ी नसीहतें भी दी गई हैं.
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दूसरे देशों से भी आर्थिक मदद की अपील
पाक की आर्थिक स्थिती इतनी खराब हो गई है कि उसे अब दूसरे देशों से भी मदद मांगने की अपील करनी पड़ रही है. विश्व बाजार में कच्चे तेल के दामों में वृद्धि होने से पाक पर काफी प्रभाव पड़ रहा है. यही वजह है कि पाक अब साउदी अऱब से भी मदद मांगने शुरू कर दी है.
हालांकि इससे पहले भी 2014 में साउदी ने पाक की 1.5 अरब डॉलर की मदद की है और अब एक बार फिर वो पैसों को लेकर साउदी के समाने हाथ फैसला रहा है. यही नहीं इन सबके अलावा भी वह अन्य खाड़ी देशों के बैंकों से  20 से 35 करोड़ डॉलर के व्यावसायिक कर्ज के लिए बातचीत कर रहा है.
जानकारों का मानना है कि आतंवादियों को पनाह देने वाली हरकतों से अगर पाकिस्तान बाज नहीं आया तो उसकी हालत और भी बत्तर हो सकती है.
उल्लेखनीय है कि पाक अपना सबसे ज्यादा अपने पैसे आतंकवादियों के पनाह और अपने पड़ोसी देशों में अशांति फैलाने के लिए खर्च करता है.