पाकिस्तान में बनी पहली महिला चीफ जस्टिस कौन हैं आप भी जान लीजिए

Pakistan First Female Chief Justice
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Pakistan First Female Chief Justice : अब तक हुई सारी पोस्टिंग रही ऐतिहासिक

Pakistan First Female Chief Justice : पाकिस्तान में होने वाले आम चुनावों से पहले वहां से एक अच्छी खबर आई है, दरअसल पाकिस्तान को अपनी पहली महिला चीफ जस्टिस मिल गई है.

बता दें कि सैयदा ताहिरा सफ्दार को देश के बलूचिस्तान सूबे के हाई कोर्ट में देश की पहली महिला चीफ जस्टिस के तैर पर नियुकित किया गया है.
इस उपलब्धि के बाद सैयदा ने ना सिर्फ नया इतिहास रचा है बल्कि अपने देश की महिलाओं के लिए एक मिसाल भी बन गई है.
पाकिस्तानी मीडिया के मुताबिक सैयदा सफ्दार को पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस मियां साकिब ने नामांकित किया है.
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फिलहाल अभी इस पद पर मोहम्मद नूर मेसकांजाई है जो 31 अगस्त को रिटायर हो जाएंगे. इसके बाद इस हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस के रूप में सैयदा कार्यभार संभालेंगी.

Pakistan First Female Chief Justice

कौन है सैयदा ताहिरा सफ्दार
सैयदा का जन्म पाकिस्तान के क्वेटा शहर में 5 अक्टूबर 1957 में हुआ था . इनके पिता का नाम सैयद इम्तिआज हुसैन बाकरी हनाफी है जो देश के काफी प्रसिद्ध वकील हैं.
सैयदा ने अपनी पूरी पढाई क्वेटा शहर से ही की है.1980 में वो शहर के यूनवर्सिटी लॉ कॉलेज से उन्होंने कालत में डिग्री हासिल करी थी.
आपको बता दें कि यह पहली बार नहीं है जब सैयदा ताहिरा सफ्दार का नाम इतिहास के पन्नों में दर्ज हो रहा है इससे पहले भी उनकी अब तक की सारी पोस्टिंग ऐतिहासिक ही रही है.
गौरतलब है कि सैयदा इससे पहले किसी भी हाई कोर्ट में जज बनने वाली भी पहली महिला थीं साथ ही बलूचिस्तान सूबे में नियुक्त होने वाली वो पहली महिला सिविल जज भी है.
इसके अलावा सबसे खास बात यह कि सैयदा पाकिस्तान के पूर्व सैन्य शासक जनरल परवेज मुशर्रफ के खिलाफ मामले की सुनवाई करने वाले तीन जजों की स्पेशल कोर्ट की मुखिया हैं.
महिलाओं को सशक्त कर रहा पाक
बता दें कि पाकिस्तान में इस बार के आम चुनावों में महिला उम्मीदवारों की हिस्सेदारी पहले के मुकाबले काफी बढ़ाने की कोशिश की गई है, इसके लिए वहां नए कानून तक बनाए गए हैं.
वहां के 2017 इलेक्शन एक्ट के मुताबिक हर चुनाव लड़ने वाली पार्टी को सामान्य सीटों पर भी कम 5 प्रतिशत सीटों पर महिला उम्मीदवारों को टिकट देना अनिवार्य है.
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इसके अलावा महिलाओं की वोटिंग प्रतिशत बढ़ाने के लिए भी नए कानून में प्रावधान किया गया है. जिसके तहत अगर किसी सीट पर महिलाओं की वोटिंग 10 प्रतिशत से कम रही तो वहां दोबारा से वोटिंग कराई जाएगी.
ज्ञात हो पाकिस्तान की छवि हमेशा से एक रूढ़ीवादी सोच और परंपराओं को मानने वाली रही है, यहां आज भी महिलाओं को शिक्षा और रोजगार से दूर रखनी की कोशिश की जाती है.
लेकिन पिछले कुछ दशक में पाकिस्तान खासकर महिलाओं के प्नति अपनी पहचान को सुधारने का प्रयास कर रहा है जिसका उदाहारण हमें कई मामलों में देखने को मिल रहा है.
वहीं जानकारी के लिए बता दें कि भारत में पहली महिला चीफ जस्टिस सन् 1992 में लीला सेठ बनी थी. इन्हें हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट में चीफ जस्टिस के पद पर नियुकित किया गया था.