World Richest Village: इस गांव में हर घर के बैंक खातों में हैं 1.5 करोड़ रूपये

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फोटो साभार- डेली मेल

World Richest Village: आलीशान घर, चमचमाती गाड़ियां यहां आम है.

गांव का जिक्र आते ही आप के जहन में कच्चे घर, टूटी सड़कें, बिजली-पानी के बिना जीते लोगों की छवि उभरने लगती है.
लेकिन अगर हम आप से कहें कि हमारी ही दूनिया में एक गांव ऐसा भी है, जहां के हर निवासी के पास आलीशान घर, चमचमाती गाड़ियां और अकाउंट में 1.5 करोड़ से भी ज्यादा रुपये हैं तो आप क्या हमारी इस बात पर यकीन करेंगे?
नहीं करेंगे ना चलिए कोई नहीं मगर आपको हमारी इस world richest village की खबर पढ़कर जरूर यकिन हो जाएगा.
हम बात कर रहे हैं चीन के जियांग्सू प्रॉविंस के वाक्शी गांव की, जिसे world richest village यानि की दुनिया का सबसे अमीर गांव माना जाता है .
दरअसल, इस गांव को चीन ने सुपर विलेज के रूप में विकसित किया है. जिसकी वजह से यहां के लोगों की लाइफस्टाइल देखकर आप दंग रह जाएंगे. आइए जानते हैं इस अनोखे अमीर गांव की कुछ दिलचस्प बातें.
गांव के लोगों को गांव में ही मिलता है रोजगार
इस गांव के लोगों को रोजगार के लिए बाहर जाने की जरूरत ही नहीं पड़ती, क्योंकि गांव में दर्जनों मल्टीनेशनल कंपनियां मौजूद हैं. इन कंपनियों में रोजगार के लिए गांव के युवाओं को प्राथमिकता दी जाती है.
गांव में स्टील और शिपिंग की बड़ी कंपनियां होने की वजह से यहां के युवाओं को अच्छा रोजगार मिल जाता है. इसी वजह से आज इस गांव के हर परिवार वालों के बैंक खाते में 1.5 करोड़ रूपये से अधिक पैसे हैं.
अमीर गांव
चीन का वाक्शी गांव
अंजान आदमी के लिए भुल-भुलैया है गांव
इस गांव में करीब 450 घर हैं, लेकिन खास बात यह है कि ये सभी घर एक जैसे ही हैं. इस गांव में पहली बार जाने वाले आदमी के लिए तो एक घर को खोजना भुल-भुलैया में फंसने जैसा होगा.
यहां एक घर में करीब 8-10 बड़े आलीशान कमरे हैं. ये घर देखने में किसी होटल से कम नहीं लगते. साल 2011 में यहां के लोगों ने अपने गांव की 50वीं वर्षगांठ 328 मीटर लंबी गगनचुंबी इमारत बनाकर मनाई.
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नशे और जुए पर है प्रतिबंध

इस गांव की तेजी से तरक्की का मुख्य कारण यह भी है कि इस गांव के लोग जुए और नशे से दूर रहते हैं. क्योंकि इनका मानना है कि नशा और जुआ परिवार और खुशियों को खत्म कर देता है. जिसकी वजह से यहां के लोग हमेशा खुशी भरी जिंदगी जी रहें
कम्युनिस्ट पार्टी के रेनाबो ने दिलाई पहचान
ऐसा नहीं है कि यह गांव पहले से ही ऐसा था. 1961 से पहले यह गांव बहुत गरीब हुआ करता था. गांव में रोजगार, मूलभूत सुविधाओं का अकाल था.
अमीर गांव
फोटो साभार- रेडइट
मगर जब सुपर विलेज के रूप में इसका चयन किया गया तो यहां पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षा जैसी मूलभूत सुविधा का विकास होने लगा. फिर इसके बाद 1990 के दशक में कम्युनिस्ट पार्टी के लोकल सेक्रेटरी वू रेनाबो ने इस गांव के विकास का बीड़ा उठाया.
रेनाबो ने शुरू में यहां खेती के विकास पर जोर दिया और युवाओं को खेती के लिए प्रोत्साहित किया.
जब खेती का परिणाम अच्छा आने लगा, तो धीरे-धीरे उन्होंने यहां स्टील और शिपिंग की मल्टीनेशनल कंपनियां भी स्थापित करवा दी. जिसके बाद स्थानीय युवाओं को खेती और कंपनी के रूप में रोजगार के दो विकल्प मिल गए.
इसके बाद गांव के लोगों की आर्थिक स्थिति में तेजी से सुधार होता गया और आज यह गांव करोड़ों डॉलरों का व्यापार कर रहा है.जिसके कारण इस गांव की पहचान दुनिया के सबसे अमीर गांव के रूप में बन गई है. और इसका सारा श्रेय कम्युनिस्ट पार्टी के वू रेनाबो को जाता है.